
मुंबई: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार चौथे सप्ताह बढ़ा है और इसका मुख्य श्रेय सोने और फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) को जाता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार में $3.293 बिलियन की बढ़ोतरी हुई।
भंडार कितना पहुंचा:
विदेशी मुद्रा भंडार अब बढ़कर $696.610 बिलियन हो गया है। गौरतलब है कि इससे पहले 27 सितंबर 2024 को यह भंडार रिकॉर्ड $704.885 बिलियन तक पहुंच चुका था। पिछले तीन हफ्तों में क्रमशः $1.689 बिलियन, $4.368 बिलियन और $3.293 बिलियन की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
FCA (Foreign Currency Assets) में मजबूती:
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आलोच्य सप्ताह के दौरान FCA में $184 मिलियन की बढ़ोतरी हुई। इससे पहले एक सप्ताह में इसमें $1.641 बिलियन का इजाफा हुआ था। अब देश के FCA की कुल राशि $559.612 बिलियन तक पहुँच चुकी है। ये विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा है और इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी मुद्राओं का असर भी शामिल होता है।
सोने के भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी:
इस दौरान सोने के भंडार का मूल्य $2.956 बिलियन बढ़ा और अब सोने का कुल भंडार $113.320 बिलियन पर पहुँच गया है। वर्तमान में RBI के पास 880 टन से अधिक सोना है, जो देश के कुल फॉरेन रिजर्व का लगभग 14.7% है।
SDR और IMF रिजर्व:
स्पेशल ड्रॉइंग राइट (SDR) में इस सप्ताह मामूली $60 मिलियन की वृद्धि हुई और कुल राशि $18.803 बिलियन तक पहुँच गई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में रखे गए देश के रिजर्व में $93 मिलियन का इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर $4.875 बिलियन हो गया।
विश्लेषक कहते हैं:
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार चौथे सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और सोने की बढ़ती भूमिका का संकेत है। यह भंडार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की वित्तीय स्थिरता का भरोसेमंद पैमाना बन चुका है।