Thursday, May 14

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कांग्रेस में राहुल गांधी साइडलाइन? प्रियंका गांधी को मिली कमान के 5 बड़े संकेत

नई दिल्ली: राहुल गांधी के विदेश दौरे के बाद से कांग्रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व में अब प्रियंका गांधी वाड्रा का असर साफ नजर आ रहा है। वे न सिर्फ कांग्रेस बल्कि सहयोगी दलों को फ्रंटलाइन से लीड कर रही हैं, जबकि राहुल गांधी फिलहाल साइडलाइन नजर आ रहे हैं।

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1. संसद में प्रियंका का दमदार अंदाज
शीतकालीन सत्र में प्रियंका ने विपक्षी दलों और पीएम मोदी के मंत्रियों के बीच सहजता से संवाद किया। वायनाड के मुद्दों पर वे सीधे पीएम मोदी से बातचीत करती दिखीं। राहुल गांधी के रहते ऐसा कोई दृश्य देखने को नहीं मिलता था।

2. केंद्रीय मंत्री से अलग अंदाज
प्रियंका ने संसद भवन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। राहुल गांधी की गैर-मौजूदगी में उन्होंने खुद से निर्णय लेने और कांग्रेस नेतृत्व का बड़ा रोल निभाने का संकेत दिया।

3. संसद में भाषण और रुख
प्रियंका ने संसद में अपने भाषणों और गतिविधियों के जरिए स्पष्ट किया कि वे विपक्षी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं। इससे राहुल गांधी की तुलना करने का माहौल भी बन गया।

4. सहयोगियों की दूरी और चुनावी असफलताएं
बिहार चुनाव और इंडिया ब्लॉक में सहयोगियों के अलग रुख ने राहुल गांधी की स्थिति कमजोर की। विपक्षी नेताओं ने उनके मुद्दों पर कन्नी काटनी शुरू कर दी, जिससे प्रियंका के नेतृत्व की मांग और मजबूत हुई।

5. सोनिया गांधी की स्वीकृति
संसद सत्र के दौरान ओडिशा के कांग्रेस नेता मोहम्मद मोकिम ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर प्रियंका को पार्टी की कमान देने की सिफारिश की थी। पार्टी में लगातार हार और नेतृत्व की आवश्यकता को देखते हुए प्रियंका को फ्रंटलाइन पर लाया जा रहा है।

इन संकेतों से साफ है कि कांग्रेस में अब प्रियंका गांधी वाड्रा का प्रभाव बढ़ रहा है और वे भैया राहुल गांधी को साइडलाइन रखकर पार्टी की रणनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

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