
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिनगडकरी ने महाराष्ट्र में सड़कबुनियादीढांचे में अभूतपूर्व सुधार की घोषणा की है। इस योजना के तहत मुंबई-पुणे और पुणे-छत्रपति संभाजीनगर के लिए नए एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे, जिनसे यात्रा समय में भारी कटौती होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी।
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे II:
नई परियोजना के तहत प्रस्तावित मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे II लगभग 130 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये अनुमानित है। यह मौजूदा एक्सप्रेसवे के समानांतर बनेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस नए कॉरिडोर से मुंबई–पुणे यात्रा का समय मौजूदा 2.5-3 घंटे से घटकर मात्र 90 मिनट रह जाएगा। विशेष रूप से घाट खंडों में जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
मुंबई–बेंगलुरु यात्रा आसान:
नए एक्सप्रेसवे नेटवर्क के चलते मुंबई से बेंगलुरु की यात्रा पुणे होते हुए केवल 5.5 घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे पश्चिमी और दक्षिणी भारत में व्यापारिक यात्रा, पर्यटन और अंतर–शहरी संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पुणे–छत्रपति संभाजीनगर एक्सप्रेसवे:
इसके अलावा, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर को जोड़ने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 16,318 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत के साथ बनाया जाएगा। यह परियोजना दोनों शहरों के बीच यात्रा समय को लगभग दो घंटे तक कम कर देगी और संभाजीनगर से नागपुर तक की कनेक्टिविटी भी बेहतर बनाएगी।
पुणे जिले में बुनियादी ढांचा निवेश:
पुणे जिले में लगभग 50,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्रमुख परियोजनाओं में तालेगांव-चाकन-शिकरापुर एलिवेटेड कॉरिडोर, हडपसर-यावत एलिवेटेड रोड और मोरबे-कलांबोली लिंक रोड शामिल हैं। इन परियोजनाओं से सड़क, फ्लाईओवर और मेट्रो लाइन समेत बेहतर माल ढुलाई और बंदरगाह कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
निष्कर्ष:
इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने के बाद न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र में भी भारी बढ़ावा मिलेगा।