Wednesday, August 12

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सफदरजंग अस्पताल में फैकल्टी की भारी कमी: 70 पद खाली, भविष्य के डॉक्टरों की पढ़ाई पर संकट

 

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नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक, सफदरजंग अस्पताल और वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज में टीचिंग फैकल्टी की भारी कमी सामने आई है। सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी के अनुसार, यहां कुल 398 टीचिंग पोस्ट स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 70 पद अभी भी खाली हैं।

 

अस्पताल में वर्तमान में 365 फैकल्टी सदस्य कार्यरत हैं, जिनमें 346 नियमित और 19 कॉन्ट्रैक्ट पर हैं। हालांकि, कुछ विभागों में स्टाफ अधिक होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण विभागों में गंभीर कमी है। इस वजह से मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ रहा है।

 

विशेषकर, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी में 11 में से 9 पद, न्यूरोलॉजी में 8 पद, कार्डियोलॉजी में 12 में से 7 पद, न्यूरोसर्जरी में 5 पद और एनेस्थीसिया में 6 पद खाली हैं। कैंसर और एडवांस जांच वाले विभागों में भी कमी है। मेडिकल ऑन्कोलॉजी में 2 स्वीकृत पदों में कोई डॉक्टर नहीं है, न्यूक्लियर मेडिसिन में 3 और यूरोलॉजी में 4 पद खाली हैं। इसके अलावा पैथोलॉजी, फिजियोलॉजी, पल्मोनरी मेडिसिन, एंडोक्रिनोलॉजी और फोरेंसिक मेडिसिन जैसे विभागों में भी कमी बनी हुई है।

 

सफदरजंग अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी साक्षी छुघ ने बताया कि खाली 35 पदों के लिए इंटरव्यू हो चुके हैं और जल्द ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि शैक्षणिक गतिविधियां और मरीजों की देखभाल बिना किसी रुकावट के चलती रहेंगी।

 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि टीचिंग फैकल्टी की लगातार कमी से डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ेगा, मरीजों को इंतजार करना पड़ेगा और मेडिकल छात्रों की प्रशिक्षण गुणवत्ता प्रभावित होगी। बड़े अस्पतालों में यह स्थिति सीधे मरीजों को मिलने वाली सेवाओं पर असर डाल सकती है।

 

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