Tuesday, July 21

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ट्रांसफर के बाद भी नहीं टूटा ASI का मोह, SHO की भूमिका पर उठे सवाल

नई दिल्ली: CBI की टीम द्वारा साउथ दिल्ली में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) सुंदर पाल सिंह का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सीआर पार्क थाने में तैनात इस अधिकारी ने ग्रेटर कैलाश इलाके में अपने पुराने मोह और दबाव का खेल जारी रखा।

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मामला क्या है?

  • ASI सुंदर पाल सिंह पहले ग्रेटर कैलाश थाने में तैनात था, जहां से वह शिकायतकर्ता प्रेम सूद से जुड़ा। प्रेम और उनके भाई सुरेश सूद के बीच 2024 में प्रॉपर्टी विवाद हुआ था।

  • विवाद के दौरान ASI ने प्रेम सूद को धमकाकर अपनी संपत्ति बेचने के लिए मजबूर किया। उन्होंने प्रेम को संपत्ति बेचने के लिए दविंद्रर सलवान नामक व्यक्ति को भी लाया।

बड़े पैमाने पर रकम की मांग

  • पहले एग्रीमेंट के तहत 1.5 करोड़ रुपये प्रेम के खाते में जमा किए गए, लेकिन पूरी रकम नहीं दी गई।

  • फरवरी 2026 में ASI ने नए खरीददार अमित वर्मा को लाकर प्रॉपर्टी के लिए 6.75 करोड़ रुपये की पेशकश कराई।

  • इस दौरान ASI ने सलवान की ओर से 2.5 करोड़ रुपये और अपने लिए 25 लाख रुपये नकद की मांग की। रकम न देने पर ASI ने फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी।

SHO की भूमिका पर उठे सवाल

  • पुलिस सूत्रों के अनुसार, ट्रांसफर हो जाने के बाद भी ASI का मोह खत्म नहीं हुआ।

  • उसने शिकायतकर्ता पर प्रभाव डालने के लिए SHO ग्रेटर कैलाश को उनके घर लाया, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की कि वह अब भी कुछ भी करवा सकता है।

  • फिलहाल SHO के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन विजिलेंस विभाग से जांच करवाई जाएगी।

निष्कर्ष

यह मामला दिल्ली पुलिस में शक्ति के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की गंभीर चेतावनी है। ASI का ट्रांसफर होने के बाद भी पुराने इलाके पर मोह और दबदबा दर्शाता है कि ऐसे मामलों में प्रशासनिक निगरानी और कड़ी कार्रवाई कितनी जरूरी है।

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