Tuesday, July 21

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झारखंड अंडरवर्ल्ड में ‘लेडी डॉन’ का उभार: जेल में गैंगस्टर, बाहर कमान संभाल रहीं पत्नियां और सहयोगी

 

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झारखंड के अपराध जगत में एक नया और खतरनाक ट्रेंड सामने आया है। बड़े गैंगस्टरों के जेल जाने के बाद अब उनकी पत्नियां और महिला सहयोगी गिरोह की कमान संभाल रही हैं। पुलिस और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की ताजा जांच में खुलासा हुआ है कि रंगदारी वसूली, हथियारों की सप्लाई और लेवी के पूरे नेटवर्क को महिलाएं नियंत्रित कर रही हैं। अंडरवर्ल्ड में इन्हें अब ‘लेडी डॉन’ के नाम से जाना जा रहा है।

 

पुरुष सलाखों के पीछे, महिलाएं संभाल रहीं ऑपरेशन

जांच एजेंसियों के अनुसार, अमन साव, सुजीत सिन्हा और प्रिंस खान जैसे कुख्यात अपराधियों के जेल जाने के बाद उनके गिरोह की कमान महिला हाथों में चली गई। ये महिलाएं न सिर्फ शूटरों को निर्देश दे रही हैं, बल्कि पैसों का लेन-देन, टारगेट की रेकी और लॉजिस्टिक्स तक संभाल रही हैं। पुलिस का मानना है कि पुरुष अपराधियों पर कड़ी निगरानी और एनकाउंटर के डर के चलते गैंग ने महिलाओं को ‘सेफ फ्रंट’ के तौर पर आगे कर दिया है।

 

तीन मोर्चों पर सक्रिय ‘लेडी डॉन’

एटीएस की रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाएं मुख्य रूप से तीन स्तरों पर गिरोह को मजबूती दे रही हैं।

पहला— मनी ट्रेल, जहां अवैध कमाई को महिलाओं के बैंक खातों के जरिए घुमाया जा रहा है।

दूसरा— लॉजिस्टिक्स, जिसमें कम शक होने का फायदा उठाकर हथियार और नशीले पदार्थों की सप्लाई कराई जा रही है।

तीसरा— कानूनी और सहानुभूति का कवच, ताकि गिरफ्तारी की स्थिति में पुलिस पर दबाव बनाया जा सके।

 

अमन साव गैंग की ‘लेडी कमांडर’ पम्मी

अमन साव और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी पम्मी को इस नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। कुख्यात अपराधी आकाश राय की पत्नी पम्मी शूटरों को रसद पहुंचाने, हथियारों की व्यवस्था करने और फिरौती की रकम ठिकाने लगाने में सक्रिय रही। छत्तीसगढ़ में एक बड़े कारोबारी के घर फायरिंग के मामले में नाम आने के बाद उसे सिमडेगा से गिरफ्तार किया गया।

 

सुजीत सिन्हा गैंग में रिया और प्रियंका की भूमिका

गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी रिया सिन्हा ने ‘कोयलांचल शांति सेना’ के नाम से एक मुखौटा संगठन बनाकर गिरोह को संचालित किया। रिया युवाओं को पैसे का लालच देकर गैंग में भर्ती करती थी। वहीं बीसीए पास प्रियंका को गिरोह की ‘सेकंड इन कमांड’ माना जाता था, जो सीधे कारोबारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगती थी। इन दोनों की गिरफ्तारी को रांची पुलिस की बड़ी सफलता बताया जा रहा है।

 

प्रिंस खान गिरोह में नरगिस और रोजी का दबदबा

धनबाद और आसपास के इलाकों में सक्रिय प्रिंस खान गैंग में भी महिलाओं की अहम भूमिका सामने आई है। नरगिस बानो रंगदारी की रकम का पूरा हिसाब रखने और गुर्गों को भुगतान करने का काम संभाल रही थी। वहीं रोजी परवीन पर एक बड़े कारोबारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।

 

अब ‘लेडी डॉन’ पर शिकंजा

महिलाओं के बढ़ते दबदबे को देखते हुए झारखंड पुलिस और एटीएस ने रणनीति बदल दी है। अब अपराधियों के साथ-साथ उनकी पत्नियों, रिश्तेदारों और बैंक खातों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘लेडी डॉन’ का यह उभरता नेटवर्क राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है, जिसे तोड़ने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के साथ मिलकर सघन कार्रवाई की जा रही है।

 

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