Tuesday, August 11

This slideshow requires JavaScript.

कान्हा के जंगल में वर्चस्व की लड़ाई का खूनी अंत: बाघ ने तेंदुए को मार डाला

 

This slideshow requires JavaScript.

 

जबलपुर: एशिया के सबसे खूबसूरत नेशनल पार्कों में शुमार कान्हा नेशनल पार्क के किसली वन परिक्षेत्र में जंगल का क्रूर चेहरा सामने आया। यहां वर्चस्व की जंग में एक बाघ और नर तेंदुए के बीच भयंकर संघर्ष हुआ, जिसमें तेंदुए की जान चली गई।

 

पार्क प्रबंधन के अनुसार, मोची दादर वन परिक्षेत्र के साल्हेभाठा क्षेत्र में नर तेंदुए का शव मिला। एनटीसीए और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक कार्यालय भोपाल के निर्देशानुसार घटनास्थल को सुरक्षित कर डॉग स्क्वाड की मदद से जांच की गई। जांच के दौरान बाघ की मौजूदगी के स्पष्ट संकेत मिले।

 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत तेंदुए के सिर पर बाघ के दांत के निशान पाए गए, जिससे स्पष्ट होता है कि दोनों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। पार्क प्रबंधन ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार किया।

 

कान्हा के घने जंगल में बाघ और तेंदुआ दोनों ही अपने क्षेत्र में किसी की दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करते। हालांकि ऐसी मुठभेड़ आम नहीं होती, लेकिन शिकार और क्षेत्र सीमित होने के कारण यह उनके अस्तित्व की लड़ाई का हिस्सा मानी जाती है। इस घटना ने फिर एक बार साबित कर दिया कि जंगल में जीवित रहने के लिए ताकत और साहस ही अंतिम सत्य है।

 

Leave a Reply