Exclusive: सोनल मानसिंह – 18 की उम्र में घर छोड़ा, ताने सहे, और खुद बनकर हलाहल पीती रहीं
पद्म विभूषण से सम्मानित सोनल मानसिंह भारतीय शास्त्रीय नृत्य की दुनिया में एक ऐसा नाम हैं, जिनकी जीवनगाथा हर किसी के लिए प्रेरणा है। 81 साल की उम्र में भी वे मंच पर प्रस्तुति देती हैं और शास्त्रीय नृत्य को नई दिशा देती हैं। नवभारत टाइम्स से खास बातचीत में डॉ. सोनल मानसिंह ने अपने जीवन, करियर और निजी संघर्षों के अनुभव साझा किए।
18 साल की उम्र में लिया नृत्य को जीवन1960 के दशक में, जब नृत्य को समाज में नीची दृष्टि से देखा जाता था, 18 साल की सोनल पकवासा ने भरतनाट्यम और ओडिसी को अपना जीवन मान लिया। परिवार और समाज के विरोधों को दरकिनार कर उन्होंने बेंगलुरु जाकर गुरु प्रो यूएस कृष्णा राव के पास प्रशिक्षण लिया। “घरवालों ने बहुत ताने दिए, लोग कहते रहे, ‘नाचने वाली बनेगी?’ लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया। मैं पहुंच गई थी गुरुजी के पास, बाकी झेलो,” उन्होंने कहा।
‘नाक कटा दी’ से ‘नाक ऊंची कर दी’ तक ...










