
नई दिल्ली: गर्मियों के मौसम में AC की सर्विस करवाना बेहद जरूरी होता है। लेकिन सवाल यह है कि जेट पंप वाली सर्विस (Jet Service) करवाएं या नॉर्मल/ड्राई सर्विस? सही सर्विस न चुनने पर AC की कूलिंग प्रभावित हो सकती है और कभी-कभी AC खराब भी हो सकता है।
जेट वाली और नॉर्मल सर्विस में अंतर
जेट वाली सर्विस:
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AC की धुलाई हाई-प्रेशर वॉटर पंप के जरिए होती है।
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प्रेशर गन से कूलिंग कॉइल्स, फिन्स और ब्लोअर की गंदगी पूरी तरह साफ होती है।
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फायदे: AC लगभग नया जैसा बन जाता है, कूलिंग बढ़ती है, कंप्रेसर पर लोड कम पड़ता है और बिजली की खपत भी घटती है। बदबू की समस्या नहीं रहती।
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नुकसान: नॉर्मल सर्विस से महंगी होती है। अगर टेक्नीशियन अनुभवहीन हो, तो हाई-प्रेशर पानी से कॉइल्स को नुकसान हो सकता है और आसपास की जगह गंदी हो सकती है।
नॉर्मल/ड्राई सर्विस:
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टेक्नीशियन एयर फिल्टर निकालकर धोता है, कूलिंग कॉइल्स को ब्रश से साफ करता है और ब्लोअर की धूल झाड़ता है।
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इसमें पानी का इस्तेमाल बहुत कम या केवल स्प्रे बॉटल के जरिए होता है।
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फायदे: सस्ती, AC के सेंसर्स और PCB को पानी से नुकसान नहीं।
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नुकसान: केवल ऊपर से सफाई होती है, कॉइल्स की अंदर की गंदगी नहीं हटती। कूलिंग में फर्क कम दिखाई देता है।
कब करवाएं कौन सी सर्विस?
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जेट सर्विस:
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गर्मियों की शुरुआत में या सीजन की पहली सर्विस के लिए
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AC लंबे समय से बंद पड़ा हो या पूरे दिन 15-18 घंटे चलता हो
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हर 2 महीने में दोहराना फायदेमंद
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नॉर्मल/ड्राई सर्विस:
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अगर पिछले सीजन में जेट सर्विस करवाई हो
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AC का इस्तेमाल कम हो (दिन में 5-7 घंटे)
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सीजन में जेट सर्विस के बाद मेंटेनेंस के लिए
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निष्कर्ष:
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सीजन की पहली या लंबा इस्तेमाल होने वाले AC के लिए: जेट सर्विस सबसे बेहतर
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AC का इस्तेमाल कम या मेंटेनेंस के लिए: नॉर्मल/ड्राई सर्विस पर्याप्त
सही सर्विस चुनकर आप अपने AC की उम्र बढ़ा सकते हैं और कूलिंग के साथ बिजली की खपत भी कम रख सकते हैं।
