
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन प्रदेश को बड़ी निवेश सफलता मिली है। यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप ने उत्तर प्रदेश में कुल 6650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। ये निवेश हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में किया जाएगा। इन परियोजनाओं से 20,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
सीएम योगी ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक ढांचे की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। डेटा सेंटर परियोजना के सिलसिले में उन्होंने समूह को लखनऊ आने का आमंत्रण भी दिया।
जेवर में अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग
पहली परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के निकट 100 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। इसमें 3500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। धरातल पर उतरने के बाद लगभग 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। परियोजना 2027 तक शुरू होने की योजना में है।
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क
दूसरी परियोजना के तहत कानपुर और लखनऊ को जोड़ने वाले हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इसमें 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना से लगभग 7,500 लोगों को रोजगार मिलेगा और यह प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात गतिविधियों को नई गति देगी। 2027 में इसका शुभारंभ होगा।
नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर
तीसरी परियोजना नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित करेगी। इसमें 2,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इस परियोजना से लगभग 1,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इसे 2028 तक शुरू करने की योजना है। यह निवेश उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन निवेश परियोजनाओं से न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि शहरी विकास को नई दिशा भी मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित होगा।
