
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में फर्जी वोटर कार्ड समेत कई दस्तावेज बनवाकर 37 साल से रह रही पाकिस्तानी महिला सबा उर्फ नाजिया की गिरफ्तारी ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। सबा की बेटी एमन भी पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि उनके दो बेटे मेरठ में जन्मे और वर्तमान में वकालत कर रहे हैं। सबा के पति फरहत मसूद बैंड कारोबारी हैं।
पुलिस के अनुसार, सबा को देहली गेट थाने में लाया गया, तब उनके बेटे फरहाज भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके पिता के पास नादिर अली वक़्फ़ नाम से बेशकीमती संपत्ति है, जिसको लेकर किरायेदार रुखसाना ने विवाद किया था। इसी विवाद के चलते रुखसाना ने सबा और उनकी बेटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
इस मामले में सबा की बेटी एमन का कहना है कि उनके पिता भारतीय हैं, इसलिए वह स्वयं भी भारत की नागरिक हैं। एमन ने स्पष्ट किया कि उनकी मां लंबे समय से भारतीय नागरिकता की मांग कर रही हैं। एमन ने कहा, “अगर हमें फर्जीवाड़ा करना आता, तो हम वकील कैसे बन पातीं।”
वहीं शिकायतकर्ता रुखसाना का दावा है कि सबा के पिता पहले आईएसआई एजेंट रहे हैं। उन्होंने संदेह जताया कि मां और बेटी पाकिस्तानी जासूस या स्लीपर सेल के रूप में काम कर रही हैं। आरोप है कि दोनों कई बार सेना मुख्यालय और दिल्ली स्थित मंत्रालयों में पहचान छिपाकर गईं।
मेरठ पुलिस ने सबा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोन की जांच से यह पता चलेगा कि मां और बेटी कितनी बार पाकिस्तान गईं और वहां किन लोगों से मिलीं। एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि प्राथमिक जांच में सबा पर लगे आरोप सही पाए गए हैं। इसलिए एफआईआर दर्ज कर गहन जांच की जा रही है। फर्जी पहचान पत्र बनाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
