Tuesday, February 10

बाड़मेर में बन रहा विश्व का सबसे भव्य जैन तीर्थ, 55 फीट ऊंची पंचधातु भगवान महावीर प्रतिमा

बाड़मेर: राजस्थान के कुशल वाटिका क्षेत्र में जैन समाज के श्रद्धालुओं के लिए एक भव्य धार्मिक केंद्र आकार ले रहा है। यहाँ निर्माणाधीन भगवान महावीर मंदिर में स्थापित की जा रही 55 फीट ऊंची बैठी पंचधातु प्रतिमा को विश्व की सबसे बड़ी बैठी पंचधातु मूर्ति माना जा रहा है। मंदिर परिसर की कुल ऊंचाई जमीन से 155 फीट होगी, जो इसकी भव्यता को और बढ़ा रही है।

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मंदिर निर्माण और लागत

इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मंदिर तीन मंजिलों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें ग्राउंड फ्लोर सहित अन्य मंजिलों पर धार्मिक और शैक्षणिक दृष्टि से विशेष निर्माण किया जा रहा है। दूसरी और तीसरी मंजिल पर जैन शास्त्रों पर आधारित संग्रहालय स्थापित होगा, जहां धर्म, इतिहास और दर्शन से जुड़ी जानकारियां प्रस्तुत की जाएंगी।

वास्तुकला और शिखर

मंदिर में गोला आकार के तीन गढ़ बनाकर इसे विशिष्ट वास्तुकला दी गई है। प्रथम मंजिल पर सम्मेद शिखर और गिरनार शिखर की आकृतियां बनाई जा रही हैं। साथ ही जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल और धार्मिक प्रतीकों को मंदिर में स्थान दिया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट का वास्तुशिल्प नासिक के प्रसिद्ध आर्किटेक्ट अनिल बी. चौरड़िया द्वारा तैयार किया गया है।

प्रतिमा निर्माण का हाल

भगवान महावीर की मूर्ति का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। प्रतिमा का प्रारंभिक आकार तैयार हो चुका है और बैठने के स्थल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पूरी प्रतिमा आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगी।

श्रद्धालुओं का आगमन

कुशल वाटिका पहले से ही नवग्रह मंदिर और दादा गुरुदेव मंदिर के लिए जानी जाती है। गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित देशभर से श्रद्धालु वर्षभर दर्शन करने आते हैं। नए मंदिर, संग्रहालय, वाचनालय, जिनालय और दादाबाड़ी के निर्माण के बाद बाड़मेर जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में और भी महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा।

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