Thursday, February 5

नोएडा में एसीपी बनीं आईपीएस अनुकृति शर्मा, संभल में किए कारनामों से बटोरीं सुर्खियां

नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में आईपीएस अनुकृति शर्मा को नई जिम्मेदारी दी गई है। तेजतर्रार और अपने “खुलासों का अफसर” खिताब के लिए चर्चित अनुकृति शर्मा को पुलिसिंग में बदलाव और नए दृष्टिकोण की उम्मीद के साथ नोएडा भेजा गया है। इससे पहले वे लखनऊ, बुलंदशहर और संभल में अपनी कार्यशैली और स्पॉट एक्शन के लिए लोगों के बीच चर्चा में रही हैं।

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अनुकृति शर्मा कौन हैं?
अनुकृति शर्मा 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से राजस्थान के जयपुर की श्यामनगर निवासी हैं। उनका जन्म 14 अक्टूबर 1987 को दिल्ली के विवेक विहार में हुआ। शुरुआती दिनों में वे डांसर बनना चाहती थीं और स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेती थीं। 12वीं के बाद आईआईएसईआर से इंटीग्रेटेड कोर्स और एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका चयन अमेरिका की यूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए हुआ। इसके दौरान उन्हें NASA में रिसर्च करने का अवसर भी मिला।

निर्भया कांड और समाज में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं ने उन्हें प्रेरित किया और उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का निर्णय लिया। अमेरिका से लौटकर, अपने ससुराल वाराणसी में रहते हुए उन्होंने कड़ी मेहनत के बाद 2020 में यूपीएससी पास कर आईपीएस बनने का सपना पूरा किया।

लोगों से जुड़ाव और पहलों का अफसर
आईपीएस बनने के बाद अनुकृति शर्मा ने लोगों से जुड़े रहने को प्राथमिकता दी। बुलंदशहर में एएसपी के तौर पर उनके स्पॉट एक्शन और मानवीय पहल ने सभी का ध्यान खींचा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बुजुर्ग महिला के घर में बिजली कनेक्शन सुनिश्चित किया और लोगों की समस्याओं को हल किया।

26 जनवरी 2024 को बुलंदशहर से संभल भेजी गईं, अनुकृति शर्मा ने एएसपी के रूप में कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया। 12 राज्यों में फैले 100 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश कर 70 से अधिक गिरफ्तारियां कराई। गिरोह बीमार व्यक्तियों के नाम पर फर्जी बीमा दावे करता था, जिसे अनुकृति शर्मा की मेहनत से उजागर किया गया।

इसके अलावा उन्होंने कम्युनिटी पुलिसिंग और महिला सुरक्षा पर भी ध्यान दिया। संभल जिले में उनके नेतृत्व में मदर एंड चाइल्ड केयर रूम की स्थापना की गई और महिला बीट अधिकारियों को सक्रिय बनाने के लिए हर थाने में एक्टिवा स्कूटर उपलब्ध कराए गए। गरीब और बेसहारा महिलाओं के साथ दीपावली मनाने जैसी पहल भी उनकी सराहनीय कार्यशैली को दर्शाती है।

इन प्रयासों के लिए उन्हें 15 अगस्त 2025 को डीजी प्रशंसा चिह्न (सिल्वर मेडल) से सम्मानित किया गया।

नोएडा में एसीपी के रूप में उनकी तैनाती से पुलिसिंग में नई ऊर्जा और बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

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