Monday, February 2

नवी मुंबई में महापौर चुनाव को लेकर BJP–शिंदे सेना आमने-सामने, दोनों ने उतारे उम्मीदवार

 

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मुंबई, 2 फरवरी। नवी मुंबई महानगरपालिका में महापौर और उपमहापौर चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। दोनों दलों ने रविवार को दोनों पदों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल कर दिया, जिससे 5 फरवरी को होने वाली महासभा में सीधा मुकाबला तय हो गया है।

 

भाजपा की ओर से सुजाता सूरज पाटील को महापौर और दशरथ सीताराम भगत को उपमहापौर पद का उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) ने महापौर पद के लिए सरोज रोहिदास पाटील और उपमहापौर पद के लिए आकाश मढवी को मैदान में उतारा है। भाजपा ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा अंतिम समय तक गोपनीय रखी थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गणेश नाईक ने नामों की औपचारिक घोषणा की।

 

बहुमत के बावजूद टकराव

 

नवी मुंबई मनपा चुनाव में 111 सीटों में से भाजपा को 65 और शिवसेना (शिंदे गुट) को 42 सीटें मिली थीं। चुनाव परिणामों के बाद माना जा रहा था कि भाजपा निर्विरोध महापौर चुनने की स्थिति में होगी और सहयोगी दल को उपमहापौर पद दे सकती है। हालांकि भाजपा ने अकेले अपने उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।

 

उल्हासनगर और कल्याण-डोंबिवली मनपा के उलट नवी मुंबई में दोनों दलों के बीच सहमति नहीं बन सकी। उन नगरपालिकाओं में शिवसेना बहुमत में होने के बावजूद भाजपा को उपमहापौर पद देकर चुनाव निर्विरोध कराया गया था।

 

महायुति के भीतर असहजता

 

भाजपा द्वारा एकतरफा नामांकन के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी दोनों पदों पर प्रत्याशी खड़े कर चुनौती पेश की है। शिवसेना के उपनेता विजय चौगुले ने कहा कि राज्य में महायुति की सरकार है, इसलिए पार्टी ने नामांकन भरा है और अब चुनाव परिणाम का इंतजार किया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है और इसे गठबंधन के भीतर बढ़ती खींचतान के रूप में देखा जा रहा है।

 

सुजाता पाटील के नाम ने चौंकाया

 

महापौर पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा की कई वरिष्ठ नगरसेविकाओं के नाम चर्चा में थे। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने सुजाता पाटील को उम्मीदवार बनाकर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया। सुजाता पाटील लगातार दूसरी बार नगरसेविका चुनी गई हैं। उनके पति सूरज पाटील को गणेश नाईक परिवार का करीबी और वफादार सहयोगी माना जाता है। पार्टी के इस फैसले से कुछ वरिष्ठ महिला नगरसेविकाओं की अनदेखी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

नवी मुंबई में अब महापौर और उपमहापौर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है और 5 फरवरी की महासभा को लेकर दोनों खेमों में रणनीतिक बैठकों का दौर तेज हो गया है।

 

 

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