Tuesday, June 23

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नवाब मलिक को PMLA कोर्ट से झटका: 18 नवंबर को आरोप तय, फिर जेल का खतरा?

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व कैबिनेट मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें विशेष PMLA कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने नवाब मलिक और उनकी कंपनी की ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया है। इसके बाद 18 नवंबर को आरोप तय करने की प्रक्रिया के दौरान सभी आरोपियों को कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है।

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मामला क्या है?

नवाब मलिक की कंपनी ‘मलिक इन्फ्रास्ट्रक्चर’ ने कोर्ट में दावा किया था कि ईडी का पूरा मामला अनुमान और अटकलों पर आधारित है, क्योंकि जिस समय कथित अवैध सौदा हुआ, उस समय कंपनी अस्तित्व में ही नहीं थी।

लेकिन कोर्ट ने कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में पर्याप्त प्राथमिक सबूत मौजूद हैं। जांच में यह सामने आया कि नवाब मलिक ने दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर, सलीम पटेल और आरोपी सरदार खान के साथ मिलकर कुर्ला स्थित कीमती प्लॉट को अवैध रूप से कब्जे में लिया और उसे मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए वैध बनाने की कोशिश की। इस प्लॉट में 16 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित धन शामिल बताया गया है।

नवाब मलिक का दावा

पूर्व मंत्री ने कोर्ट से प्रक्रिया को 6 हफ्ते तक टालने की गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि बॉम्बे हाई कोर्ट में उनकी याचिका पर जल्द सुनवाई होनी है, इसलिए निचली अदालत को इंतजार करना चाहिए। उनके वकील का दावा था कि ईडी ने कई ऐसे दस्तावेज पेश नहीं किए जो आरोपी के पक्ष में थे।

कोर्ट ने ईडी की दलील मानी

स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सुनील गोंसाल्वेस ने कहा कि हाई कोर्ट ने मामले पर कोई स्टे नहीं दिया है, इसलिए निचली अदालत की सुनवाई रोकी नहीं जा सकती। कोर्ट ने ईडी की दलीलें मानते हुए कहा कि सांसद और विधायकों से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा अनिवार्य है। इसलिए नवाब मलिक की मांग खारिज कर दी गई।

मामले की पृष्ठभूमि

ईडी ने नवाब मलिक को फरवरी 2022 में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उन्होंने हसीना पारकर की मदद से मुंबई के कुर्ला में लगभग तीन एकड़ जमीन को गलत तरीके से कब्जे में लिया। फर्जी दस्तावेजों का भी आरोप लगाया गया। इस मामले में नवाब मलिक के साथ दो कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। मई 2022 से मामले की प्रक्रिया जारी है, लेकिन 18 नवंबर को आरोप तय किए जाने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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