
दुनिया में बिना सैन्य ताकत के प्रभाव जमाने की क्षमता यानी सॉफ्ट पावर के मामले में अमेरिका ने वर्ष 2026 में भी अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। हालांकि, उसका दबदबा अब पहले जैसा मजबूत नहीं रहा। ग्लोबल सॉफ्ट पावर इंडेक्स 2026 के अनुसार अमेरिका और चीन के बीच का अंतर तेजी से घट रहा है और चीन पहली बार अमेरिका का ताज छीनने के बेहद करीब पहुंच गया है।
ब्रांड फाइनेंस द्वारा जारी इस रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों को 55 अलग-अलग पैमानों पर परखा गया है, जिनमें संस्कृति, शासन, अंतरराष्ट्रीय प्रभाव, शिक्षा, व्यापार और कूटनीतिक छवि जैसे पहलू शामिल हैं।
अमेरिका-चीन की टक्कर तेज
अमेरिका ने 100 में से 74.9 अंक हासिल कर पहला स्थान पाया है, लेकिन यह पिछले साल के मुकाबले 4.6 अंकों की गिरावट दर्शाता है। दूसरी ओर चीन का स्कोर बढ़कर 73.5 हो गया है। चीन इस साल ऐसा एकमात्र बड़ा देश रहा, जिसके सॉफ्ट पावर स्कोर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
अब अमेरिका और चीन के बीच का अंतर 1.5 अंक से भी कम रह गया है, जिसे विशेषज्ञ वैश्विक शक्ति संतुलन में बड़ा संकेत मान रहे हैं।
टॉप-10 देशों की सूची
तीसरा स्थान: जापान (70.6)
चौथा: ब्रिटेन (69.2) – इंडेक्स के इतिहास में अब तक की सबसे निचली रैंक
पांचवां: जर्मनी (67.7)
छठा: फ्रांस (65.8)
सातवां: स्विट्जरलैंड (63.2)
आठवां: कनाडा (63.2)
नौवां: इटली (61.6)
दसवां: संयुक्त अरब अमीरात (59.4)
रिपोर्ट में पश्चिमी देशों के स्कोर में सामान्य गिरावट का रुझान देखा गया है, जबकि एशियाई देशों का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
भारत की रैंकिंग में गिरावट
भारत को इस साल 48.0 अंक मिले हैं और वह 32वें स्थान पर रहा। यह पिछले साल की तुलना में दो स्थान नीचे और 1.8 अंक की गिरावट है।
भारत ने पहचान (13वां), प्रभाव (17वां) और संस्कृति एवं विरासत (19वां) जैसे क्षेत्रों में अच्छी स्थिति बनाए रखी है, लेकिन शासन (100वां) और नेट पॉजिटिव प्रभाव (123वां) में कमजोर प्रदर्शन के कारण वह टॉप-30 से बाहर हो गया।
पाकिस्तान और अन्य देश
इस सूची में पाकिस्तान का स्थान 84वां है, जो भारत से काफी पीछे है।
सूची के सबसे निचले पायदान पर नाउरू और किरिबाती (192वें और 193वें स्थान) रहे, जो ओशिनिया क्षेत्र के छोटे देश हैं।
क्या है सॉफ्ट पावर?
सॉफ्ट पावर किसी देश की वह क्षमता है, जिसके जरिए वह संस्कृति, मूल्यों, शिक्षा, कूटनीति और वैश्विक छवि के माध्यम से अन्य देशों को प्रभावित करता है, बिना सैन्य बल का इस्तेमाल किए। भारत की फिल्में, संगीत और योग इसकी सॉफ्ट पावर के प्रमुख उदाहरण माने जाते हैं।