Saturday, January 24

राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में शुक्रवार को रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश उपस्थित थे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की। समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। उपसभापति हरिवंश ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि छत्तीसगढ़ी साहित्य की एक समृद्ध और प्राचीन परंपरा रही है, और प्रदेश ने अपनी स्थानीय संस्कृति को सदैव मजबूती से संजोकर रखा है। उन्होंने कहा, “एक पुस्तक और एक लेखक भी दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं। साहित्य समाज को दिशा देता है, आशा जगाता है, निराशा से उबारता है और जीवन जीने का साहस प्रदान करता है।” उन्होंने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की कविताओं का उल्लेख करते हुए साहित्य की सामाजिक भूमिका पर जोर दिया। उपसभापति ने यह भी कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और 2047 तक विकसित भारत का संकल्प हमारा राष्ट्रीय लक्ष्य है। स्टील, चावल उत्पादन और स्टार्टअप्स में अग्रणी भूमिका निभाते हुए देश की आत्मनिर्भरता ने दुनिया को नई दिशा दी है। उन्होंने साहित्य की सशक्त भूमिका का भी उल्लेख किया, जो इस राष्ट्रीय शक्ति के पीछे प्रेरक शक्ति बनकर काम करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल है और इस पावन भूमि पर साहित्य उत्सव का आयोजन गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय उत्सव में प्रदेश और देश के विभिन्न राज्यों से 120 से अधिक ख्यातिप्राप्त साहित्यकार भाग ले रहे हैं। सीएम ने स्वतंत्रता संग्राम की तुलना समुद्र मंथन से करते हुए कहा कि जिस प्रकार समुद्र मंथन में विष और अमृत दोनों निकले, उसी प्रकार स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे सेनानियों ने विष रूपी कष्ट सहकर आने वाली पीढ़ियों को आज़ादी का अमृत प्रदान किया। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी लेखक, पत्रकार और वकीलों की योगदान और माखनलाल चतुर्वेदी की कविताओं का उल्लेख किया। उन्होंने पंडित लोचन प्रसाद पांडेय, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे साहित्यकारों की स्मृतियों को सहेजने की आवश्यकता पर जोर दिया। रायपुर साहित्य उत्सव के मंडपों को छत्तीसगढ़ के महान साहित्यकारों विनोद कुमार शुक्ल, श्यामलाल चतुर्वेदी, लाला जगदलपुरी और अनिरुद्ध नीरव को समर्पित किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी कवि हृदय थे और उनकी कविताओं ने करोड़ों लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने इमरजेंसी काल में साहित्यकारों की भूमिका को भी रेखांकित किया और दुष्यंत कुमार की प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख किया। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने उत्सव को साहित्य का महाकुंभ बताया और कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती ने हिंदी साहित्य को कई महान पुरोधा दिए हैं। वहीं, डॉ. कुमुद शर्मा ने कहा कि साहित्य आत्मबोध और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त माध्यम है, जो अमृतकाल और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मार्गदर्शक है। समारोह के पश्चात अतिथियों और साहित्यकारों ने विभिन्न सत्रों में भाग लेते हुए समकालीन साहित्य, संस्कृति, लोकतंत्र और समाज से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। उत्सव में बड़ी संख्या में युवा साहित्य प्रेमियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जो यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ में साहित्यिक वातावरण उजला और सशक्त है। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का यह शुभारंभ सांस्कृतिक चेतना और साहित्यिक संवाद के विस्तार में एक मील का पत्थर साबित होगा। मैंने भगवान का दूसरा प्रसाद चढ़ा लिया है’, सरस्वती पूजा में शराब के नशे में स्कूल पहुंचा टीचर, ग्रामीणों में गुस्सा Edited by: पवन तिवारी|Lipi•23 Jan 2026, 9:44 pm IST Subscribe Basant Panchami: छत्तीसगढ़ के सरगुजा में एक टीचर के शराब के नशे में होने का मामला सामने आया है। टीचर शराब के नशे में सरस्वती पूजा में पहुंचा था। उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। drunk teacher प्राइमरी स्कूल का टीचर शराब के नशे में पहुंचा सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक टीचर शराब पीकर स्कूल पहुंचा। बसंत पंचमी के दिन स्कूल में सरस्वती पूजा का आयोजन किया गया था। सरस्वती पूजा में टीचर नशे की हालत में पहुंचा था। उसने कहा कि आज पूजा थी तो हमने भगवान का दूसरा प्रसाद चढ़ा लिया है। पहले तो वह शराब पीने की बात से इंकार करते रहा उसके बाद उसने कहा की थोड़ी पी ली है। जूनापारा प्राइमरी स्कूल का मामला मामला जिले के जूनापारा प्राइमरी स्कूल का है। प्राइमरी स्कूल में पोस्टेड शिक्षक बुद्धेश्वर दास आदतन शराबी है। बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार को स्कूल में सरस्वती पूजन का आयोजन था। पूजा में शामिल अभिभावकों ने शिक्षक को नशे की हालत में देखा। उसके बाद उससे शराब पीने को लेकर सवाल किया गया। पहले तो वह इंकार करता रहा फिर उसने कहा भगवान का दूसरा प्रसाद ले लिया है। by TaboolaSponsored Links You May Like Start Trading Forex in Minutes – Open Your Account IC Markets आपके पसंद की स्टोरी ‘बॉर्डर 2’ को लेकर परमवीर चीमा का दर्द- डर है बड़े स्टार्स के बीच खो न जाऊं, सनी देओल के लिए यह बोले ‘बॉर्डर 2’ में बेटे अहान शेट्टी को वर्दी में देख भावुक हो गए सुनील शेट्टी, किया लंबा-चौड़ा पोस्ट ‘ये रिश्ता’ की मोहिना कुमारी एक्टिंग छोड़ बनीं आध्यात्मिक गुरु! प्रवचन में कहा- बुरी कमाई बच्चों को मत खिलाओ Box Office: ‘बॉर्डर 2’ के आते ही ‘धुरंधर’ और ‘द राजा साब’ का हाल बेहाल, शुक्रवार को झोली में गिरे चिल्लर मैंने दूसरा प्रसाद चढ़ा लिया नशे में धुत टीचर से शराब पीने के बारे में पूछा गया तो पहले उसने शराब पीने से इनकार करते हुए कहा कि प्राइमरी स्कूल में मध्यान्ह भोजन खाया है। जब टीचर से उसका नाम पूछा गया तो उसने नाम बताने से इंकार किया। कहा मैं अपना नाम क्यों बताऊं। टीचर ने कहा कि वह मैनपाट के पहाड़गांव में पोस्टेड है। बाद में उसने कहा कि गुमगरा खुर्द में पोस्टेड हैं। बाद में उसने कहा कि आज सरस्वती पूजा है तो हमने भगवान को दूसरा प्रसाद चढ़ा दिया है। टीचर ने बताया कि संकुल प्रभारी विनोद गुप्ता हैं, लेकिन उन्हें कॉल करने से मना कर दिया और कहा कि उनका नंबर मेरे पास नहीं है। ग्रामीणों ने की शिकायत सरस्तवी पूजा में नशे की हालत में स्कूल पहुंचने की जानकारी गांव के लोगों को हुई तो उन्होंने ग्राम सभा बुलाकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की शिकायत बीएलओ से की गई है। लखनपुर बीईओ डीके गुप्ता ने बताया कि टीचर बुद्धेश्वर दास के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच संकुल प्रभारी से कराई जाएगी। टीचर को सस्पेंड करने की अनुशंसा के साथ प्रतिवेदन सरगुजा डीईओ को भेजा गया है।KHABAR KO NEWS PAPER ME PRAKASHIT KARNE KE LIYE PRABHASHALI DHANG SE HINDI ME LIKHE सरस्वती पूजा के दिन शराब के नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक, ग्रामीणों में रोष ‘मैंने भगवान का दूसरा प्रसाद चढ़ा लिया’ कहकर किया खुलासा, कार्रवाई की मांग उठी

सरगुजा/जूनापारा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जूनापारा प्राइमरी स्कूल का एक मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित सरस्वती पूजा के दौरान स्कूल में तैनात शिक्षक बुद्धेश्वर दास शराब के नशे में दिखाई दिए। उन्होंने कहा, “आज पूजा थी तो हमने भगवान का दूसरा प्रसाद चढ़ा लिया है।” इस घटना से ग्रामीणों में गुस्सा और नाराजगी फैल गई।

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जानकारी के अनुसार, शिक्षक पहले शराब पीने से इंकार करते रहे, लेकिन जब उनसे बार-बार सवाल किया गया, तो उन्होंने स्वीकार किया कि “थोड़ी पी ली है।” नशे की हालत में शिक्षक ने अपना नाम और पोस्टिंग स्थल भी बदल-बदल कर बताया। उन्होंने कहा कि वे मैनपाट के पहाड़गांव में पोस्टेड हैं और बाद में गुमगरा खुर्द भी बताया। संकुल प्रभारी विनोद गुप्ता के नाम का उल्लेख करते हुए शिक्षक ने कहा कि उनका नंबर उनके पास नहीं है।

घटना की जानकारी स्थानीय ग्रामीणों को मिलते ही उन्होंने ग्राम सभा बुलाकर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत बीएलओ को भेजी गई। लखनपुर के बीईओ डीके गुप्ता ने बताया कि शिक्षक बुद्धेश्वर दास के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच संकुल प्रभारी से कराई जाएगी। शिक्षक को सस्पेंड करने की अनुशंसा करते हुए प्रतिवेदन सरगुजा डीईओ को भेजा गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह शिक्षक की आदत नहीं बल्कि लगातार अनियमितता और बच्चों के लिए अनुचित व्यवहार का उदाहरण है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल के वातावरण में सुधार की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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