
नई दिल्ली: 6G नेटवर्क आने से पहले अमेरिकी इंजीनियरों ने डेटा ट्रांसमिशन की दुनिया में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित किया है। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, UC Irvine की टीम ने ऐसी वायरलैस चिप बनाई है, जो फाइबर ऑप्टिक केबल जैसी हाईस्पीड डेटा ट्रांसमिट करने में सक्षम है। दावा है कि यह चिप कम बिजली खर्च करती है और भविष्य की एडवांस्ड ट्रांसमिशन तकनीकों के लिए दरवाजे खोल सकती है।
कैसे हासिल हुई यह सफलता:
पेम हेदारी और उनकी टीम 2020 से इस वायरलैस चिप पर काम कर रही थी। उन्हें पता था कि मौजूदा चिप्स उच्चस्पीड डेटा ट्रांसमिट नहीं कर सकती और लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहती। इसलिए उन्होंने डिजिटल से एनालॉग कन्वर्टर (DAC) ब्लॉक को खत्म कर सीधे रेडियो-फ्रीक्वेंसी सिग्नल बनाने की तकनीक विकसित की।
इस चिप की खासियतें:
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फाइबर ऑप्टिक केबल जितनी हाईस्पीड डेटा ट्रांसमिट करने में सक्षम।
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कम बिजली की खपत।
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स्मार्टफोन और अन्य डिवाइस को तेज़ डेटा भेजने के लिए तैयार।
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6G और भविष्य की एडवांस्ड वायरलेस तकनीकों के लिए आदर्श।
आसान भाषा में कहें तो अब दुनिया के किसी कोने से भी डेटा वायरलैस तरीके से फाइबर स्पीड में भेजा और रिसीव किया जा सकेगा। पेम हेदारी की टीम ने यह साबित किया कि भविष्य के ट्रांसमीटरों के लिए चिप की डिज़ाइन को पूरी तरह से नया रूप दिया जा सकता है, जिससे वायरलेस कनेक्टिविटी अधिक तेज, टिकाऊ और किफायती होगी।
निष्कर्ष:
यह चिप 6G तकनीक के लॉन्च से पहले वायरलेस इंटरनेट की दुनिया में क्रांति लाने वाली साबित हो सकती है। आने वाले वर्षों में इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करके हाईस्पीड, कम बिजली वाला और भरोसेमंद डेटा ट्रांसमिशन संभव हो सकेगा।