
वॉशिंगटन/दावोस: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के अपने फैसले को वापस ले लिया है। इससे पहले ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया था कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण के लिए वे किसी भी सैन्य कार्रवाई का सहारा नहीं लेंगे।
दावोस में NATO के प्रमुख मार्क रट के साथ बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित टैरिफ अब लागू नहीं होंगे। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “NATO प्रमुख मार्क रट के साथ मेरी बहुत उत्पादक बैठक हुई। हमने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र को लेकर भविष्य की डील का फ्रेमवर्क तय किया है। यह अमेरिका और उसके NATO सहयोगियों दोनों के लिए फायदेमंद होगा। इसलिए मैंने यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले टैरिफ को रद्द कर दिया है।”
ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपने भाषण में यह भी कहा कि वे ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा रखते हैं, लेकिन इसके लिए बल का उपयोग नहीं करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, “ग्रीनलैंड एक बर्फ से ढका और कठोर स्थान है, जो विश्व शांति और सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है। हमारी मांग इसके मुकाबले बहुत छोटी है, लेकिन मैं सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करूंगा।”
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी बताया कि ग्रीनलैंड से संबंधित बातचीत का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ करेंगे। जरूरत पड़ने पर अन्य अधिकारी भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे और सीधे रिपोर्ट करेंगे।
इस निर्णय से यूरोपीय सहयोगियों के साथ अमेरिकी संबंधों में सहजता आने की उम्मीद जताई जा रही है।