
भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार किए जा रहे दावों पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा कटाक्ष किया है। कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री के तथाकथित ‘अच्छे मित्र’ ट्रंप इस बात को अब तक 70 बार दोहरा चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाया।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट में कहा,
“कल से पहले यह गिनती 68 थी। मंगलवार को ही यह संख्या 69 नहीं बल्कि 70 हो गई। एक बार व्हाइट हाउस में अपने शुरुआती वक्तव्य में और फिर सवाल-जवाब के दौरान। प्रधानमंत्री के ‘अच्छे मित्र’, जिनसे कई बार जबरन गले मिला गया है, 70वीं बार यह घोषणा कर चुके हैं कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक और अप्रत्याशित रूप से रोकने का श्रेय उन्हीं को जाता है।”
व्हाइट हाउस से फिर दोहराया दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई देशों के बीच युद्ध रुकवाए। भारत-पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,
“मैंने 10 महीनों में आठ युद्ध समाप्त करवाए। पाकिस्तान और भारत… आठ विमान मार गिराए गए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यहां थे और उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने एक करोड़ लोगों की जान बचाई, शायद उससे भी अधिक।”
कांग्रेस का सवाल: सच क्या है?
कांग्रेस ने ट्रंप के इन बयानों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने वास्तव में मध्यस्थता की थी, तो सरकार इस पर स्पष्ट बयान क्यों नहीं देती। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी और सरकार को इस मुद्दे पर देश को सच्चाई बतानी चाहिए।
भारत का आधिकारिक पक्ष
वहीं, भारत सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला दोनों देशों के डीजीएमओ (सैन्य अभियान महानिदेशक) स्तर पर संपर्क के बाद लिया गया था, न कि किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से। भारत लगातार यह दोहराता रहा है कि वह द्विपक्षीय मुद्दों में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता।
सियासी तकरार तेज
ट्रंप के दावों और कांग्रेस के तंज के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष जहां प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार अब तक अपने पूर्व रुख पर कायम है।
निष्कर्षतः, ट्रंप के बार-बार दोहराए जा रहे दावे और कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया ने भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव से जुड़े पुराने घटनाक्रम को फिर से सियासी सुर्खियों में ला दिया है।