
राजधानी दिल्ली से एक दिल दहला देने वाली लेकिन अंततः राहत भरी खबर सामने आई है। कश्मीरी गेट इलाके से किडनैप की गई तीन साल की मासूम बच्ची को दिल्ली पुलिस ने 15 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्ची को जब उसके पिता के हवाले किया गया, तो बिन मां की बेटी को सीने से लगाकर पिता फूट–फूटकर रो पड़ा। यह दृश्य वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर गया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 12 जनवरी को कश्मीरी गेट थाने में मुजफ्फर अली नामक व्यक्ति ने अपनी तीन साल की बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मुजफ्फर की पत्नी का कुछ समय पहले निधन हो चुका है, जिसके बाद वह अपनी मासूम बेटी को दिन–रात अपने साथ ही रखते थे। वह बच्ची को कश्मीरी गेट स्थित मिनर्वा सिनेमा रोड पर बनी अपनी दुकान पर भी साथ लाते थे।
दुकान के बाहर से उठा ली गई मासूम
घटना के दिन शाम करीब साढ़े छह बजे बच्ची अचानक दुकान के बाहर से गायब हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अपहरण का केस दर्ज कर लिया और बच्ची की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दीं।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक चौंकाने वाला सुराग मिला। फुटेज में देखा गया कि करीब 6-7 साल की एक नाबालिग लड़की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर ले जा रही है। आगे की जांच में सामने आया कि नाबालिग लड़की बच्ची को पहले से इंतजार कर रहे अपने परिवार के पास ले गई, जिसके बाद वह परिवार रेलवे स्टेशन की भीड़ में गायब हो गया।
100 पुलिसकर्मी, 400 CCTV और दिन–रात की तलाश
डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि बच्ची को ढूंढने के लिए नॉर्थ जिला पुलिस के करीब 100 जवानों की टीमें बनाई गईं। पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी, शाहदरा, साहिबाबाद समेत आसपास के इलाकों में सिस्टमैटिक ग्रिड सर्च किया गया। रेलवे प्लेटफॉर्म, फुट-ओवर ब्रिज, वेटिंग हॉल, ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों के करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई।
भीख मांगने वाले किडनैपर परिवार तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान एक अहम सुराग तब मिला, जब एक सीसीटीवी फुटेज में किडनैपर परिवार को ओल्ड आयरन ब्रिज की ओर जाते ई–रिक्शा में सफर करते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने करीब 12 किलोमीटर के इलाके में उनकी गतिविधियों को ट्रैक किया। आखिरकार 17 जनवरी को यमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर के पास से बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, बच्ची एक ऐसे परिवार के पास मिली जो भीख मांगकर गुजारा करता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किडनैपर परिवार की योजना बच्ची को नेपाल ले जाकर किसी निःसंतान दंपत्ति या मानव तस्करी और अंग तस्करी सिंडिकेट को बेचने की थी।
बेटी मिली तो छलक पड़े पिता के आंसू
15 दिन बाद जब पुलिस ने मासूम को उसके पिता को सौंपा, तो वह भावुक हो उठा। बेटी को देखते ही पिता के सब्र का बांध टूट गया और वह फूट–फूटकर रोने लगा। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है। फिलहाल पुलिस किडनैपर गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच में जुटी हुई है।