
बेंगलुरु, 17 जनवरी।
आज से ठीक दो साल पहले, 17 जनवरी 2024 को बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सबसे रोमांचक और अविस्मरणीय मुकाबलों में से एक का गवाह बना। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया यह मैच न केवल रनों की बारिश के लिए याद किया जाता है, बल्कि इसलिए भी कि इसका फैसला एक नहीं, बल्कि दो सुपर ओवर के बाद हुआ—जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद दुर्लभ है।
मुश्किल हालात से विराट स्कोर तक
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। महज 22 रन पर 4 विकेट गिर चुके थे और लग रहा था कि टीम दबाव में आ जाएगी। लेकिन कप्तान रोहित शर्मा ने मोर्चा संभाला और रिंकू सिंह के साथ मिलकर इतिहास रच दिया।
रोहित ने 121 रन नाबाद की विस्फोटक पारी खेली, जबकि रिंकू ने 69 रन नाबाद बनाकर उनका शानदार साथ दिया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए हुई रिकॉर्ड साझेदारी की बदौलत भारत ने 212 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
अफगानिस्तान का जवाब और आखिरी गेंद का रोमांच
लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने भी हार नहीं मानी। शीर्ष क्रम के तीन बल्लेबाजों ने अर्धशतक जमाए। गुलबदीन नैब ने 23 गेंदों में 59 रन नाबाद की तूफानी पारी खेली और आखिरी गेंद पर रन लेकर मुकाबले को टाई करा दिया। स्टेडियम में सांसें थम चुकी थीं और मैच सुपर ओवर में पहुंच गया।
पहला सुपर ओवर: विवाद और बराबरी
पहले सुपर ओवर में अफगानिस्तान ने 16 रन बनाए। इस दौरान मोहम्मद नबी के पैरों से लगकर थ्रो डिफलेक्ट होने से मिले अतिरिक्त रनों पर काफी विवाद भी हुआ। जवाब में भारत को आखिरी गेंद पर जीत के लिए 2 रन चाहिए थे, लेकिन यशस्वी जायसवाल सिर्फ 1 रन ही बना सके। नतीजा—मैच फिर टाई।
दूसरा सुपर ओवर: कप्तान का फैसला और निर्णायक पल
रोमांच यहीं खत्म नहीं हुआ। दूसरे सुपर ओवर में भारत ने पहले बल्लेबाजी की। रोहित शर्मा ने एक छक्का और एक चौका लगाकर टीम को 11 रन तक पहुंचाया। हालांकि, उनके दोबारा बल्लेबाजी करने को लेकर नियमों पर मैदान में बहस भी देखने को मिली।
12 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए रोहित शर्मा ने स्पिनर रवि बिश्नोई पर भरोसा जताया। बिश्नोई ने कप्तान के फैसले को सही साबित किया और पहली तीन गेंदों में ही दो विकेट चटकाकर अफगानिस्तान को महज 1 रन पर समेट दिया।
इतिहास में दर्ज हुआ मुकाबला
इस तरह भारत ने न केवल यह ऐतिहासिक मैच जीता, बल्कि सीरीज भी 3-0 से अपने नाम की।
400 से ज्यादा रन, दो सुपर ओवर, विवाद, रोमांच और कप्तान रोहित शर्मा का नेतृत्व—यह मुकाबला आज भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए रोमांच की मिसाल बना हुआ है, जिसे शायद ही कोई भूल पाएगा।