Friday, January 16

H-1B वर्कर्स भारत में फंसे, अमेरिकी कंपनियों का अल्टीमेटम – “अमेरिका लौटो या नौकरी छोड़ दो”

अमेरिका में H-1B वीजा पर कार्यरत भारतीय कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वीजा स्टैम्पिंग में देरी के कारण हजारों H-1B होल्डर्स भारत में फंसे हुए हैं और अब उनकी नौकरी और सैलरी पर खतरा मंडरा रहा है।

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जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने दिसंबर 2025 से ही वीजा प्रक्रिया में सोशल मीडिया अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। इस बदलाव के बाद वीजा अप्वॉइंटमेंट की तारीखें बढ़ गईं और कई वर्कर्स जिनका अपॉइंटमेंट दिसंबर या जनवरी में था, उन्हें अब मार्च-एप्रिल तक इंतजार करना पड़ रहा है।

छोटी कंपनियों में संकट:
इमिग्रेशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, छोटे स्टार्टअप्स में काम करने वाले H-1B वर्कर्स पर नौकरी गंवाने का खतरा ज्यादा है। कई अमेरिकी कंपनियों ने कर्मचारियों को अल्टीमेटम दिया है – या तो पेड लीव खत्म होते ही अमेरिका लौटो या नौकरी से हट जाओ। बड़ी कंपनियां वीजा अपॉइंटमेंट जल्दी कराने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन छोटी कंपनियों के पास कानूनी संसाधन नहीं हैं, जिससे कर्मचारी बिना सैलरी के लीव पर रहने या नौकरी गंवाने की स्थिति में हैं।

परिवारों की अलगाव की स्थिति:
वीजा में देरी की वजह से परिवार भी बिछड़ रहे हैं। सरवांक एसोसिएट की अंकिता सिंह ने बताया कि कई परिवारों में पति या पत्नी अमेरिका में फंसे हैं, जबकि वीजा होल्डर भारत में अटका है। इस दौरान वे अमेरिका में रेंट, कार लीज और अन्य खर्चों का भुगतान कर रहे हैं, जबकि उनकी आय बंद या कम हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति H-1B कर्मचारियों के लिए दोहरी चुनौतियों जैसी है – नौकरी और परिवार दोनों पर दबाव। भारत में फंसे H-1B वर्कर्स अब कानूनी सलाह लेने और समाधान खोजने में जुटे हुए हैं।

 

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