Thursday, January 15

तेज प्रताप यादव उल्टी गंगा बहाना चाहते हैं? राजद और JJD के विलय में कितना दम

 

This slideshow requires JavaScript.

 

पटना (रमाकांत चंदन) – बिहार की राजनीति में अपने अनूठे अंदाज के लिए चर्चित पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने फिर से सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज को तेज प्रताप ने राजनीति की ‘प्रयोगशाला’ बना दिया।

 

भोज के दौरान तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव को भी आमंत्रित किया था, लेकिन तेजस्वी नहीं आए। इस अवसर पर तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल (JJD) को राजद में विलय का न्योता दे डाला। उन्होंने यह भी दावा किया कि लालू यादव की असली पार्टी जनशक्ति जनता दल है, इसलिए लालू यादव उनके भोज में आए।

 

भोज में तेज प्रताप ने अपरोक्ष रूप से तेजस्वी यादव पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा, “तेजस्वी मेरे छोटे भाई हैं। वह थोड़ी देर से उठते हैं, इसलिए आने में समय लग रहा है। जयचंदवा घेर रहा होगा। नेवता दिया है तो रात नौ बजे तक इंतजार करेंगे।”

 

हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजद का राजनीतिक कद तेज प्रताप की जनशक्ति जनता दल के पास मौजूद नहीं है। राजद के पास चार लोकसभा सांसद, पांच राज्यसभा सांसद, 25 विधायक और 14 एमएलसी हैं, जबकि तेज प्रताप के पास कोई सांसद, विधायक या एमएलसी नहीं हैं। ऐसे में JJD और राजद के विलय की संभावना फिलहाल सियासी धरातल पर नगण्य दिखाई देती है।

 

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जरूर है कि तेज प्रताप ने अपने भोज को राजनीतिक प्रयोगशाला बनाकर अपनी अलग पहचान और ताकत दिखाने की कोशिश की, लेकिन वर्तमान आंकड़ों के हिसाब से यह महज ख्याली ख्वाब ही साबित होता दिख रहा है।

 

 

Leave a Reply