
पटना: बिहार सरकार ने मंत्रियों, विधान परिषद के सभापति व उपसभापति और विधानसभा के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को दो-दो सरकारी आवास देने का फैसला किया है। इसके लिए कुछ शर्तें और किराया निर्धारित किया गया है।
कौन-कौन मिलेंगे अतिरिक्त आवास?
बिहार की नीतीश सरकार ने विधानमंडल के वरिष्ठ सदस्यों के लिए भी अतिरिक्त आवास का प्रावधान रखा है, चाहे वे वर्तमान में मंत्रिपरिषद के सदस्य न हों।
केंद्रीय पूल और विधानमंडल पूल से कुल 15 अतिरिक्त आवास सशर्त रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे।
शर्तें इस प्रकार हैं:
कम से कम छह बार विधानमंडल के सदस्य रहे हों।
कम से कम एक बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों।
कम से कम तीन बार राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य रहे हों।
या पूर्व में राज्य के मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री रहे हों।
भवन निर्माण विभाग की तैयारी
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि:
बिहार विधानसभा के सभी सदस्यों के लिए विधायक आवासन परिसर में 243 आवास बनाए गए हैं।
प्रत्येक आवास का निर्मित क्षेत्रफल 3681 वर्ग फीट है।
विधान परिषद के सदस्यों के लिए विधान पार्षद आवासन परिसर में 75 आवास बनाए गए हैं।
इन आवासों को निर्वाचन क्षेत्रवार चिह्नित किया गया है।
अतिरिक्त आवास के लिए सदस्यों को पहले से तय मानक किराया देना होगा।
बिहार सरकार का यह फैसला मंत्रियों और विधायकों के आवासीय सुविधा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लिया गया है।