
पाकिस्तान की शाहबाज शरीफ सरकार ने बढ़ते आतंकी हमलों के लिए पड़ोसी देशों पर आरोप लगाया है। पाकिस्तानी सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तान में हाल के महीनों में बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वां में बढ़ते हमलों के पीछे अफगानिस्तान और भारत का हाथ है।
तरार ने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान के मंत्री लगातार भारत जाते हैं और लंबी बैठकें करते हैं, जिनमें पाकिस्तान का नुकसान करने वाले एजेंडों पर चर्चा होती है। उन्होंने कहा,
“ये लोग विदेशी-वित्त पोषित एजेंडे पर काम कर रहे हैं। उनके हमलों में भारत से फंडिंग शामिल है।”
पाकिस्तानी सरकार के अनुसार, 2025 में देश में 5,397 आतंकी हमले हुए। इनमें से 3,811 खैबर पख्तूनख्वां और 1,557 बलूचिस्तान में हुए। टीटीपी और बीएलए जैसे समूह पाकिस्तान के खिलाफ हिंसा को अंजाम दे रहे हैं और पाकिस्तान का दावा है कि ये समूह अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल और भारत से फंडिंग प्राप्त करते हैं।
भारत और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते सुधारने के प्रयास पाकिस्तान को नागवार गुजर रहे हैं। अक्टूबर 2025 में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की भारत यात्रा और दिसंबर में स्वास्थ्य मंत्री नूर जलाल का दौरा, दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों का प्रतीक हैं।
हालांकि, नई दिल्ली और काबुल ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है।