
। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश में अब नया बिजली कनेक्शन लेना पहले से कहीं ज्यादा सस्ता हो गया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की नई कास्ट डाटा बुक लागू होते ही 1 और 2 किलोवॉट के घरेलू बिजली कनेक्शन की लागत लगभग आधी कर दी गई है। साथ ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर अब सिक्योरिटी मनी भी नहीं ली जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत जिस 1 किलोवॉट के कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को पहले करीब 6400 रुपये खर्च करने पड़ते थे, अब वही कनेक्शन मात्र 3198 रुपये में मिल जाएगा। वहीं सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 2800 रुपये और थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 4100 रुपये तय की गई है।
11 जनवरी से लागू हुईं नई दरें
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने 31 दिसंबर 2025 को नई कास्ट डाटा बुक को मंजूरी दी थी, जिसे बिजली कंपनियों को 12 जनवरी तक अपने सिस्टम में लागू करना था। इसके तहत पावर कॉर्पोरेशन ने 11 जनवरी से नई दरें लागू कर दी हैं। इस आदेश के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर पहले बिना अनुमति वसूला जा रहा 6016 रुपये का अतिरिक्त शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा फायदा
नई कास्ट डाटा बुक के अनुसार आने वाले समय में कुछ अन्य छोटे शुल्कों में भी बदलाव संभव है, लेकिन कुल मिलाकर बिजली कनेक्शन की लागत में और कमी आएगी। खास बात यह है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लेने वाले उपभोक्ताओं से अब किसी भी प्रकार की सिक्योरिटी राशि नहीं ली जाएगी।
116 करोड़ रुपये लौटाने का दावा
यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि 10 सितंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 के बीच करीब 3 लाख 59 हजार से अधिक नए कनेक्शनों के लिए एस्टीमेट जमा किए गए थे। यदि पहले की गई अधिक वसूली का समायोजन किया जाता है, तो लगभग 116 करोड़ रुपये उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिल में वापस किए जाने होंगे। इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन को अपने सॉफ्टवेयर में व्यवस्था करनी होगी।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद का प्रयास है कि बिजली कनेक्शन प्रक्रिया सस्ती, पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बने, ताकि लोगों को अतिरिक्त वसूली का सामना न करना पड़े।