
नई दिल्ली। नए साल 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ निवेशकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र बन गया है। कोल इंडिया की सहायक कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को महज दो दिनों में 33 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। आज यानी मंगलवार को इस आईपीओ में बोली लगाने का आखिरी दिन है।
एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार तक इस इश्यू को कुल 33.6 गुना सब्सक्राइब किया जा चुका था। सबसे ज्यादा उत्साह नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) और रिटेल निवेशकों में देखने को मिला है।
निवेशकों की भारी भागीदारी
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, इस आईपीओ में कुल 34.69 करोड़ शेयर ऑफर किए गए थे, जबकि इनके मुकाबले 1,165 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां आईं।
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का हिस्सा 17 गुना सब्सक्राइब हुआ
- रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में 90 गुना बोली लगी
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) सेगमेंट में 44 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया
यह आईपीओ शुक्रवार को खुलते ही कुछ ही मिनटों में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। इससे पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से 273 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए थे।
इश्यू का आकार और कीमत
BCCL का यह आईपीओ 1,071 करोड़ रुपये का है। शेयरों का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी कीमत पर कंपनी का कुल मूल्यांकन 10,700 करोड़ रुपये से अधिक बैठता है।
रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसके तहत कोल इंडिया अपनी 46.57 करोड़ इक्विटी शेयरों की हिस्सेदारी बेच रही है।
सरकार की विनिवेश रणनीति का हिस्सा
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड की लिस्टिंग सरकार की कोयला क्षेत्र में विनिवेश की व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। इसका उद्देश्य कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के मूल्य को उजागर करना, बाजार आधारित संचालन को बढ़ावा देना और पारदर्शिता में सुधार करना है। कंपनी का कहना है कि लिस्टिंग से उसे पूंजी बाजार में पहचान और संचालन में मजबूती मिलेगी।
मजबूत प्राइमरी मार्केट का असर
साल 1972 में स्थापित BCCL झारखंड के झरिया कोयला क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोयला क्षेत्र में कोकिंग कोयले के खनन और आपूर्ति का काम करती है। यह आईपीओ ऐसे समय में आया है, जब प्राइमरी मार्केट मजबूत दौर से गुजर रहा है।
साल 2025 में कंपनियों ने IPO के जरिए रिकॉर्ड 1.76 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। इससे पहले 2024 में 90 कंपनियों ने 1.6 लाख करोड़ रुपये और 2023 में 57 कंपनियों ने करीब 49,436 करोड़ रुपये जुटाए थे।
निष्कर्ष
BCCL का आईपीओ न सिर्फ 2026 का पहला बड़ा इश्यू है, बल्कि निवेशकों के भरोसे का भी प्रतीक बनकर उभरा है। भारी सब्सक्रिप्शन यह संकेत देता है कि सरकारी कंपनियों के प्रति निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है। आज आखिरी दिन होने के चलते बाजार की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा और कितना ऊपर जाता है।