
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 16 जनवरी से अपनी राज्यव्यापी ‘समृद्धि यात्रा’ शुरू करेंगे। इस महत्वाकांक्षी यात्रा का मुख्य उद्देश्य सात निश्चय योजनाओं की समीक्षा, नए प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और जनसंवाद के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान करना है।
नीतीश कुमार की यह यात्रा पश्चिम चंपारण से शुरू होकर 8 दिनों में कुल 9 जिलों को कवर करेगी। पहले चरण के इस अभियान के दौरान मुख्यमंत्री पुराने वादों की प्रगति का जायजा लेंगे और भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा भी तैयार करेंगे।
यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम
16 जनवरी: पश्चिम चंपारण
17 जनवरी: पूर्वी चंपारण
19 जनवरी: सीतामढ़ी और शिवहर
20 जनवरी: गोपालगंज
21 जनवरी: सिवान
22 जनवरी: सारण
23 जनवरी: मुजफ्फरपुर
24 जनवरी: वैशाली
प्रत्येक जिले के लिए एक दिन समर्पित रहेगा ताकि योजनाओं की गहन समीक्षा की जा सके।
स्थल निरीक्षण और शिलान्यास
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ‘सात निश्चय-2’ और अन्य जिलास्तरीय परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे। साथ ही कई नई योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ किया जाएगा। इसका लक्ष्य विकास की गति को तेज करना और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।
यात्रा में शामिल गतिविधियां:
प्रगति यात्रा और सात निश्चय योजनाओं का स्पॉट विजिट
जिले की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण
नई परियोजनाओं का शिलान्यास/उद्घाटन
स्थानीय लोगों से जन संवाद कार्यक्रम
जिलास्तरीय योजनाओं की समीक्षा बैठक
जनसंवाद के बाद अफसरों से समीक्षा
नीतीश कुमार इस यात्रा में सीधे जनता से संवाद करेंगे और उनकी शिकायतों को सुनेंगे। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जिलास्तरीय समीक्षा बैठक भी करेंगे, जिसमें कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।
यह सिलसिला 2005 में शुरू हुई ‘न्याय यात्रा’ से जारी है और यह अब उनकी 17वीं यात्रा के रूप में आगे बढ़ रहा है।