Tuesday, January 13

विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त पडिक्कल ने रचा इतिहास टूर्नामेंट में दो अलग-अलग सीजन में 700+ रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बने

नई दिल्ली। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का यह सीजन कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल के नाम लिखा जा चुका है। लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे पडिक्कल ने मुंबई के खिलाफ खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में एक और यादगार पारी खेलते हुए ऐसा इतिहास रच दिया, जो आज तक इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में कोई भी बल्लेबाज नहीं कर पाया था।

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मुंबई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में देवदत्त पडिक्कल ने 11 चौकों की मदद से नाबाद 81 रन की मैच विनिंग पारी खेली। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में वीजेडी मेथड के तहत कर्नाटक को 55 रन से विजेता घोषित किया गया। अपने शानदार प्रदर्शन के लिए पडिक्कल को प्लेयर ऑफ मैच चुना गया।

 

दो अलगअलग सीजन में 700+ रन, ऐतिहासिक उपलब्धि

25 वर्षीय देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अब तक 8 मैचों में 721 रन बना लिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
पडिक्कल विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में दो अलगअलग सीजन में 700 से अधिक रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं।

इस सीजन में उनका बल्ला जमकर बोला है—

  • 4 शतक
  • 2 अर्धशतक

अब तक मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, एन जगदीशन और करुण नायर जैसे दिग्गज बल्लेबाज एक-एक सीजन में 700+ रन बना चुके थे, लेकिन दो अलगअलग सीजन में यह कारनामा केवल देवदत्त पडिक्कल ही कर पाए हैं

 

ऐसा रहा मुंबई बनाम कर्नाटक क्वार्टर फाइनल

कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। मुंबई ने 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 254 रन बनाए। मुंबई की ओर से शम्स मुलानी ने सर्वाधिक 86 रन की पारी खेली।
कर्नाटक के लिए विद्याधर पाटिल ने 3 विकेट झटके, जबकि विद्दवाथ कावेरप्पा और अभिलाष शेट्टी को 2-2 विकेट मिले।

जवाब में कर्नाटक ने 33 ओवर में 1 विकेट पर 187 रन बना लिए थे, तभी बारिश के कारण मैच रोकना पड़ा। वीजेडी मेथड के आधार पर कर्नाटक को विजेता घोषित किया गया।
देवदत्त पडिक्कल के अलावा करुण नायर ने भी नाबाद 74 रन की अहम पारी खेली, जिसमें उन्होंने 11 चौके जड़े। मुंबई की ओर से एकमात्र विकेट मोहित आवस्थी ने लिया।

 

भारतीय क्रिकेट को मिला भविष्य का मजबूत स्तंभ

देवदत्त पडिक्कल का यह लगातार और ऐतिहासिक प्रदर्शन न सिर्फ कर्नाटक के लिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए भी बेहद शुभ संकेत है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह बड़े मंच के बड़े खिलाड़ी बनने की पूरी काबिलियत रखते हैं।

 

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