Saturday, January 10

आशिया बनी अंशिका, मोनू के साथ लिए सात फेरे; बरेली से आया प्रेम प्रसंग का मामलामजहब की दीवार तोड़कर हिंदू धर्म अपनाया, प्रेमी मोनू के साथ रचाई शादी

 

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बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक अनोखा प्रेम प्रसंग सामने आया है। मुस्लिम लड़की आशिया ने दो साल तक चले अपने प्रेम प्रसंग के बाद हिंदू धर्म अपनाया और प्रेमी मोनू के साथ शादी कर ली। आशिया ने अपना नाम बदलकर अंशिका रख लिया और फिर मोनू के साथ सात फेरे लेकर विवाह की रस्म पूरी की। यह मामला सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा का विषय बन गया है, और अब लोग इस लव स्टोरी को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

 

मजहब की दीवार को तोड़ा

 

मीरगंज के गांव चुरई दलपतपुर की रहने वाली आशिया का गांव के पिपलसाना चौधरी के मोनू से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच दो वर्षों तक प्रेम प्रसंग चला, लेकिन उनके रिश्ते में मजहब की दीवार आ खड़ी हुई। आशिया के परिवारवालों ने इस रिश्ते को मंजूरी देने से इंकार कर दिया, जिसके बाद दोनों ने अपने रिश्ते को शादी में बदलने का निर्णय लिया।

 

घर छोड़कर आश्रम पहुंचे

 

परिवार से समर्थन न मिलने के बावजूद आशिया और मोनू ने एक-दूसरे को छोड़ने का नाम नहीं लिया। उन्होंने अपने रिश्ते को वैध बनाने का फैसला किया और घर छोड़कर सुभाषनगर स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने आश्रम के महंत केके शंखधर से मुलाकात की। महंत शंखधर ने दोनों के प्रेम संबंधों को समझते हुए उनकी शादी कराने पर सहमति जताई।

 

हिंदू धर्म अपनाकर रचाई शादी

 

इसके बाद, आशिया ने अपना नाम बदलकर अंशिका रख लिया और मोनू के साथ सनातन पद्धति से शादी करने का फैसला किया। दोनों ने अग्नि को साक्षी मानकर पूरी विधि-विधान से सात फेरे लिए और विवाह के बंधन में बंध गए। इस विवाह के बाद अंशिका बनी आशिया ने कहा, “हमारे पूर्वजों को जबरन मुसलमान बनाया गया था, अब मैं मोनू के साथ अपना जीवन खुशी से बिताऊंगी।”

 

दोनों अब साथ जीने और मरने की कसम खा रहे हैं और अपने जीवन की नई शुरुआत करने के लिए खुश हैं। यह प्रेम प्रसंग न केवल सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसने यह भी साबित कर दिया कि प्रेम और मानवता के बीच कोई मजहब या दीवार नहीं हो सकती।

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