
नई दिल्ली: कई सालों से बच्चे की कोशिश कर रहे 27 वर्षीय एक कपल के मामले ने फर्टिलिटी एक्सपर्ट और डॉक्टर महिमा को भी हैरान कर दिया। उम्र कम होने और शुरुआती टेस्ट्स नॉर्मल आने के बावजूद यह कपल प्रेग्नेंसी कंसीव नहीं कर पा रहा था।
डॉक्टर महिमा के मुताबिक, महिला के पीरियड्स पूरी तरह नियमित थे और ओव्यूलेशन भी सही समय पर हो रहा था। पति की सीमेन रिपोर्ट भी कई बार जांची गई, जो हर बार नॉर्मल आई। इसके बाद 6-7 साइकल तक ओव्यूलेशन इंडक्शन कराया गया और सही समय पर इंटरकोर्स भी किया गया, लेकिन हर बार रिजल्ट निगेटिव रहा।
छुपा हुआ कारण:
आख़िरकार, डॉक्टर ने महिला की फैलोपियन ट्यूब्स की जांच की। रिपोर्ट से पता चला कि महिला की दोनों फैलोपियन ट्यूब्स जन्म से ही मौजूद नहीं थीं। यानी महिला ओव्यूलेट कर रही थी, लेकिन अंडे फैलोपियन ट्यूब्स से अंडाशय तक नहीं पहुँच पा रहे थे, इसलिए प्राकृतिक गर्भधारण असंभव था।
डॉक्टर महिमा बताती हैं कि इस दुर्लभ समस्या को पहले उन्होंने कभी नहीं देखा। कपल के लिए अब आईवीएफ ही एकमात्र विकल्प बचा।
कपल की उम्मीदें और सलाह:
कपल ने बताया कि उन्होंने विभिन्न आयुर्वेदिक और अन्य घरेलू उपाय अपनाए, लेकिन केवल झूठी उम्मीदें मिलीं। डॉक्टर महिमा का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में सही कारण की पहचान बेहद ज़रूरी है। समय रहते विशेषज्ञ से परामर्श लेने से सही इलाज और उम्मीद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा या इलाज का विकल्प नहीं है। सही सलाह के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।