Saturday, January 10

डिलीवरी रूम से पत्नी की चीखें सुन बाहर निकला पति, डॉक्टर ने कहा— ऐसे वक्त में पत्नी को सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है आपके साथ की

नई दिल्ली।
लेबर रूम में पत्नी को असहनीय प्रसव पीड़ा में तड़पता देख एक पति खुद को संभाल नहीं पाया और डिलीवरी रूम से बाहर निकल आया। पत्नी की चीखें सुनकर घबराया पति यह कहता नजर आया कि उसके अंदर अंदर का मंजर देखने की हिम्मत नहीं है। इस घटना को मशहूर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शैफाली दधीचि ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।

This slideshow requires JavaScript.

डॉ. दधीचि द्वारा साझा किए गए वीडियो में वह महिला के पति से कहती हैं, “आप कहां जा रहे हैं? आपकी पत्नी आपको बुला रही है, उसे लेबर पेन हो रहे हैं।” इस पर पति जवाब देता है कि वह अंदर नहीं जा सकता और डॉक्टर से अपनी सास या मां को बुलाने का अनुरोध करता है।

डॉक्टर जब यह कहती हैं कि इस वक्त पत्नी को उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है, तो पति बताता है कि वह खून और दर्द नहीं देख सकता, उसे चक्कर आ रहे हैं और ग्लूकोज की जरूरत है। इस पर डॉक्टर भावुक लहजे में कहती हैं कि दर्द और ब्लीडिंग महिला सह रही है, लेकिन कमजोरी पति को महसूस हो रही है।

डॉ. दधीचि ने कहा कि प्रसव के दौरान महिलाओं को न केवल असहनीय शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ती है, बल्कि मानसिक आघात से भी गुजरना होता है। ऐसे नाजुक समय में अगर पति केवल दो मिनट के लिए पत्नी का हाथ थाम ले, उसे ढांढस बंधा दे या प्यार के कुछ शब्द कह दे, तो यह महिला के लिए बहुत बड़ा भावनात्मक सहारा बन सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की तकलीफों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। उल्टियों, बदन दर्द या कमजोरी को कई बार ‘ड्रामा’ कहकर टाल दिया जाता है, जबकि महिला अंदर ही अंदर गंभीर शारीरिक और मानसिक संघर्ष से गुजर रही होती है।

डॉक्टर ने सवाल उठाया कि जब पति भी पिता बनने वाला है, तो केवल मां या सास को ही डिलीवरी रूम में बुलाने की सोच क्यों रखी जाती है। उन्होंने अपील की कि पति इस अहम समय में जिम्मेदारी समझें और अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मजबूती से खड़े रहें।

यह घटना समाज के सामने एक अहम सवाल खड़ा करती है— क्या आज भी प्रसव की जिम्मेदारी सिर्फ महिला की मानी जाएगी, या पति भी इस सफर में बराबरी से साथ निभाएंगे?

 

Leave a Reply