
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र अंतर्गत खेड़ी दूधाधारी गांव में रह रहे करीब 60 परिवारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बघरा स्थित योग साधना आश्रम के संचालक स्वामी यशवीर महाराज ने इन परिवारों को बांग्लादेशी रोहिंग्या बताते हुए प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे का आरोप
स्वामी यशवीर महाराज ने एक वीडियो जारी कर कहा कि ग्रामीणों से उन्हें जानकारी मिली है कि खेड़ी दूधाधारी गांव में रह रहे ये परिवार पिछले करीब आठ वर्षों से ग्राम समाज की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इन मकानों के बैनामों और दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
यशवीर महाराज का कहना है कि यदि इन परिवारों के नाम 1971 की जनगणना में दर्ज नहीं हैं, तो इन्हें अवैध मानते हुए कार्रवाई की जाए और ग्राम समाज की जमीन पर बने मकानों को हटाया जाए।
प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव
स्वामी यशवीर महाराज ने आरोप लगाया कि कथित रूप से ये लोग सरकारी जमीनों पर कब्जा कर सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही बांग्लादेशी रोहिंग्या की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दे चुकी है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन को भी तत्काल कदम उठाने चाहिए।
धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
यशवीर महाराज ने कहा कि यदि पुलिस और प्रशासन ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो वे हिंदू समाज के लोगों के साथ मिलकर कथित रोहिंग्या परिवारों के घरों के सामने धरना-प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
फिलहाल यह मामला प्रशासन के संज्ञान में बताया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि प्रशासन दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद क्या कार्रवाई करता है।