
उत्तराखंड की राजनीति में उर्मिला सनावर के नए ऑडियो क्लिप के सामने आने के बाद एक बार फिर हलचल बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि पुराने ऑडियो पर आंदोलन करने वाले अब नए ऑडियो के सामने चुप क्यों हैं। उन्होंने विपक्ष से जनता से माफी मांगने की मांग की और आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए अंकिता भंडारी हत्याकांड का दुरुपयोग किया।
सीएम की प्रतिक्रिया
राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उर्मिला-सुरेश राठौर के पुराने ऑडियो के आधार पर करीब 15 दिनों तक पूरे प्रदेश में अस्थिरता फैली थी। अब नया ऑडियो सामने आने के बाद विपक्ष को सत्य स्वीकार करना चाहिए।
नए ऑडियो ने बदल दिया माहौल
नया ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सुरेश राठौर उर्मिला पर भाजपा के वरिष्ठ नेता के खिलाफ बयान देने का दबाव डालते नजर आ रहे हैं। हालांकि इसकी प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एनबीटी ऑनलाइन ने इस मामले में वायरल किसी भी ऑडियो-वीडियो की पुष्टि नहीं की है।
अंकिता भंडारी के नाम पर नर्सिंग कॉलेज
सीएम धामी ने पौड़ी के राजकीय नर्सिंग कॉलेज डोभ (श्रीकोट) का नाम स्वर्गीय अंकिता भंडारी के नाम पर रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं।
सीबीआई जांच पर फैसला जल्द
अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच के लिए सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। अंकिता के माता-पिता ने सीएम से मुलाकात में वीआईपी की भूमिका सहित कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
माता-पिता का छलका दर्द
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि उनकी बेटी की हत्या के लिए कथित वीआईपी जिम्मेदार हैं। मां सोनी देवी ने कहा कि वह उन सभी बेटियों की भी लड़ाई लड़ रही हैं, जो नौकरी के लिए घर से बाहर जाती हैं।
आंदोलन और बंद की घोषणा
अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद और 10 जनवरी को मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की है। मंच ने आरोपों में घिरे नेताओं का नार्को टेस्ट कराने की भी मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
भाजपा नेता रविंद्र जुगरान ने कहा कि सीएम धामी ने अंकिता को पूर्ण न्याय दिलाने का वादा किया है। उन्होंने निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की जरूरत पर जोर दिया।