
नई दिल्ली।
क्रिकेट की दुनिया में एक पुरानी कहावत है—इतिहास खुद को दोहराता है। आज बांग्लादेश क्रिकेट जिस आक्रामक और टकरावपूर्ण रवैये पर चल पड़ा है, वह रास्ता पहले भी तय किया जा चुका है—और वह रास्ता है पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का। फर्क सिर्फ इतना है कि पाकिस्तान का अंजाम सबके सामने है, लेकिन बांग्लादेश उससे सबक लेने को तैयार नहीं दिखता।
बीसीसीआई और भारत के खिलाफ बयानबाजी, सुरक्षा के नाम पर टूर्नामेंट बहिष्कार की धमकी और आईसीसी पर दबाव बनाने की कोशिश—यह सब कुछ नया नहीं है। यही रणनीति कभी पाकिस्तान ने अपनाई थी और हर बार उसे झुकना ही पड़ा।
जब पाकिस्तान को झेलनी पड़ी थी बेइज्जती
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का इतिहास गवाह है कि भारत के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की कोशिशें हमेशा उलटी पड़ी हैं।
- टी20 वर्ल्ड कप 2016:
सुरक्षा का हवाला देकर भारत आने से इनकार किया, लेकिन अंततः पाकिस्तान को कोलकाता और मोहाली में खेलना पड़ा। - वनडे वर्ल्ड कप 2023:
महीनों तक ‘भारत नहीं आएंगे’ का राग अलापने के बाद पाकिस्तान को न सिर्फ भारत आना पड़ा, बल्कि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक लाख दर्शकों के सामने करारी हार भी झेलनी पड़ी।
इन घटनाओं ने साफ कर दिया कि आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत के बिना क्रिकेट की गाड़ी नहीं चलती।
अब वही गलती दोहरा रहा है बांग्लादेश
आज बांग्लादेश भी पाकिस्तान की राह पर चलता दिख रहा है। बीसीसीआई को आंखें दिखाने और भारत से टकराव मोल लेने की नीति दरअसल खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसी है। आईसीसी के रेवेन्यू मॉडल और वैश्विक क्रिकेट के दबदबे में भारत की भूमिका किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में बांग्लादेश को भी, पाकिस्तान की तरह, अंत में भारत के सामने ही आना पड़ेगा।
मैदान पर भी भारत के सामने टिक नहीं पा रहा बांग्लादेश
अगर बात केवल प्रशासनिक टकराव तक सीमित होती, तो शायद बहस की गुंजाइश थी। लेकिन मैदान पर हालात बिल्कुल अलग कहानी बयां करते हैं।
आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड पहले ही शर्मनाक रहा है—वनडे वर्ल्ड कप में 8-0। अब बांग्लादेश भी उसी राह पर बढ़ता दिख रहा है।
हालिया टेस्ट और टी20 सीरीज में भारत ने बांग्लादेश को जिस तरह क्लीन स्वीप किया, उसने यह साबित कर दिया कि जुबानी जंग से मैच नहीं जीते जाते।
कानपुर टेस्ट में तो टीम इंडिया ने महज़ दो दिन की बल्लेबाजी में बांग्लादेश का सारा गुरूर चकनाचूर कर दिया।
भारत की ‘B टीम’ भी काफी है
आज भारत के पास इतनी मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है कि उसकी ‘B टीम’ भी बांग्लादेश को उसके घर में हराने का दम रखती है। ऐसे में भारत से बेवजह टकराव लेना बांग्लादेशी क्रिकेट के भविष्य के लिए आत्मघाती कदम साबित हो सकता है।
अगर बांग्लादेश पाकिस्तान की तरह ज़िद और टकराव की राजनीति पर अड़ा रहा, तो अंजाम भी वही होगा—
मैदान पर हार, बाहर अपमान और अंत में मजबूरी में झुकना।