
इस्लामाबाद, 7 जनवरी 2026: बलूचिस्तान में पाकिस्तान की क्रूरता और आतंकवाद के समर्थन को लेकर बलूच नेता मीर यार बलूच ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पाकिस्तान को “वैश्विक आतंकवाद का केंद्र” करार दिया और भारत, इजरायल एवं अमेरिका से पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप
मीर यार बलूच का कहना है कि पाकिस्तान की सेना बलूचिस्तान में आम नागरिकों पर गोलियां चलाती है, युवाओं को अपहरण कर न्यायेतर हत्या करती है और हजारों लोगों को लापता कर चुकी है। इसके चलते बलूचिस्तान में लगातार विरोध प्रदर्शन होते रहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का केंद्र
बलूच नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखकर आरोप लगाया कि हमास, हिज्बुल्लाह, दाएश (ISIS), अल-कायदा, खुरासान, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और द रेज़िस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे सभी चरमपंथी समूह अलग नामों के बावजूद समान विचारधारा और मकसद से काम कर रहे हैं। उनका साझा लक्ष्य यहूदियों, हिंदुओं, बलूचों और अन्य गैर-मुस्लिम समुदायों को निशाना बनाना है।
मीर यार बलूच ने कहा कि ये समूह ना केवल पाकिस्तान से वैचारिक समर्थन पाते हैं, बल्कि उनका केंद्र भी पाकिस्तान ही है। उन्होंने ईरान पर भी आरोप लगाया कि वह इन आतंकवादी संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
भारत–इजरायल से कार्रवाई की अपील
बलूच नेता ने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि भारत, इजरायल और अमेरिका पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चल रही आतंकी फैक्ट्रियों और चरमपंथी नेटवर्क को नष्ट करने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने बताया कि कश्मीर, अफगानिस्तान और पश्चिम एशिया में सक्रिय कई चरमपंथी समूहों की जड़ें पाकिस्तान में हैं।
मीर यार बलूच लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचार और पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाते आ रहे हैं।