Thursday, January 8

**30 साल पुराना जंग लगा गैस स्टोव होगा नया जैसा, सिर्फ 10 रुपये में—यूट्यूबर अमिता ने बताया आसान घरेलू तरीका** रसोई की सफाई में गैस स्टोव पर जमी चिकनाई और जंग हटाना अक्सर सबसे मुश्किल काम माना जाता है। लंबे समय तक इस्तेमाल के कारण स्टोव की चमक फीकी पड़ जाती है और बर्नर के छेद भी जाम होने लगते हैं। ऐसे में यूट्यूबर **अमिता** का बताया एक सस्ता और आसान घरेलू नुस्खा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खास बात यह है कि इस तरीके में खर्च महज **10 रुपये** तक आता है और 30 साल पुराना स्टोव भी नया जैसा चमकने लगता है। अमिता के अनुसार, एक साधारण **सफेद एंटासिड पाउडर (ईनो)**, **गर्म पानी** और **नींबू** के इस्तेमाल से गैस स्टोव की सतह के साथ-साथ बर्नर की डीप क्लीनिंग भी की जा सकती है। यह तरीका न केवल किफायती है, बल्कि महंगे केमिकल क्लीनर की तुलना में ज्यादा सुरक्षित भी माना जा रहा है। ### बर्नर की डीप क्लीनिंग का तरीका गैस स्टोव की सफाई की शुरुआत बर्नर से करनी चाहिए। सबसे पहले बर्नर को अलग कर एक गहरे बर्तन में रखें और उसमें इतना खौलता हुआ पानी डालें कि बर्नर पूरी तरह डूब जाएं। इसके बाद पानी में एंटासिड पाउडर का एक पैकेट डालकर करीब **15 मिनट** के लिए छोड़ दें। यह घोल बर्नर के अंदर जमी कालिख और गंदगी को ढीला कर देता है। ### स्टोव की सतह से जंग हटाने की विधि जब बर्नर भीग रहे हों, तब गैस स्टोव की ऊपरी सतह और जंग लगे हिस्सों पर एंटासिड पाउडर छिड़क दें। इसमें मौजूद सोडियम बाइकार्बोनेट और सिट्रिक एसिड जंग के साथ रासायनिक क्रिया कर उसे हटाने में मदद करते हैं। ### नींबू से स्क्रबिंग का कमाल अब आधा कटा हुआ नींबू लेकर पाउडर लगे हिस्से पर रगड़ें। नींबू का रस और एंटासिड पाउडर मिलकर एक प्रभावी क्लीनिंग एजेंट बनाते हैं, जो जमी हुई चिकनाई और जंग को आसानी से साफ कर देता है। अधिक जंग होने पर स्टील वूल का भी हल्के हाथ से इस्तेमाल किया जा सकता है। ### कोनों की सफाई के लिए स्मार्ट उपाय गैस स्टोव के कुछ कोनों, जैसे बर्नर के आसपास या नॉब्स के पास, सफाई करना मुश्किल होता है। ऐसे में पतली धार वाले पेचकस से जमी परत को निकालें और पुराने टूथब्रश से अच्छी तरह रगड़कर साफ करें। ### अंतिम चरण 15 मिनट बाद बर्नर को पानी से निकालकर टूथब्रश से साफ करें। बंद छेद खुल जाएंगे और बर्नर की चमक लौट आएगी। साफ पानी से धोकर बर्नर और स्टोव को अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद बर्नर को वापस फिट कर दें। इस प्रक्रिया के बाद पुराना और जंग लगा गैस स्टोव न केवल साफ और चमकदार दिखेगा, बल्कि उसकी आंच भी पहले से बेहतर हो जाएगी। **डिस्क्लेमर:** यह जानकारी यूट्यूब वीडियो और इंटरनेट स्रोतों पर आधारित है। इसकी सटीकता और प्रभाव अलग-अलग परिस्थितियों में भिन्न हो सकती है।

नई दिल्ली: गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर समरा मसूद ने हाल ही में नई माताओं को एक बेहद महत्वपूर्ण चेतावनी दी है। डॉक्टर का कहना है कि डिलीवरी के बाद कुछ नई माताएं अनजाने में एक ऐसी गलती कर बैठती हैं, जो उनके शरीर पर लंबी अवधि तक नकारात्मक असर डाल सकती है।

This slideshow requires JavaScript.

डिलीवरी के तुरंत बाद महिलाओं का शरीर काफी कमजोर हो जाता है। ऐसे में सही देखभाल और पोषण पर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है, ताकि शरीर जल्दी और बेहतर तरीके से रिकवर कर सके। लेकिन कई नई माताएं इस दौरान पूरी तरह बेडरेस्ट करने का निर्णय ले लेती हैं, जो विशेषज्ञों के अनुसार सेहत के लिए सही नहीं है।

डॉक्टर मसूद ने बताया कि डिलीवरी के बाद लंबे समय तक एक ही पोज़िशन में लेटे रहने से मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। इससे पीठ दर्द, हाथ-पैरों में दर्द और शरीर में कमजोरी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा, लंबे समय तक लेटे रहने से पैरों में ब्लड क्लॉट यानी खून का थक्का जमने का खतरा भी बढ़ जाता है।

हल्की वॉक है जरूरी
डॉक्टर मसूद का कहना है कि चाहे नॉर्मल डिलीवरी हुई हो या सिजेरियन, डिलीवरी के अगले ही दिन हल्की वॉक शुरू कर देना चाहिए। यह पूरी तरह से बेडरेस्ट की जगह नहीं लेता, लेकिन शरीर के रक्त संचार और मांसपेशियों की लचक बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि, नई माताओं को घर के भारी काम जैसे आटा गूंथना, झाड़ू-पोंछा करना आदि कम से कम एक से डेढ़ महीने तक नहीं करना चाहिए।

हल्की वॉक करने से दिल का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, सिरदर्द कम होता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और मानसिक व शारीरिक ऊर्जा भी बनी रहती है। इसके अलावा सुबह की धूप में वॉक करना नई माताओं के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

सावधानियाँ: नई माताओं को हमेशा डॉक्टर की सलाह अनुसार वॉक और व्यायाम करना चाहिए। डिलीवरी के तुरंत बाद कोई भी गतिविधि शुरू करने से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञ की राय लेना जरूरी है।

 

Leave a Reply