
मुंबई। बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी ने हाल ही में अपनी किताब ‘हेमा मालिनी: बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल’ में अपने करियर की शुरुआती दिनों और भूतिया बंगले में रहने के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि चेन्नई से मुंबई आने के बाद जब वह बांद्रा के एक छोटे अपार्टमेंट में रहती थीं, तो वह उन्हें कभी पसंद नहीं आया।
हेमा ने कहा कि इसके बाद उन्हें एक बंगले में रहने की जगह मिली, जिसे लोग ‘भूतिया’ मानते थे। वह याद करती हैं, “हर रात मुझे ऐसा लगता था जैसे कोई मेरा गला घोंटने की कोशिश कर रहा हो। मुझे सांस लेने में बहुत तकलीफ होती थी। मैं अपनी मां के साथ सोती थी और उन्होंने देखा कि मुझे कितनी बेचैनी होती थी। अगर यह घटना एक-दो बार होती तो हम इसे नजरअंदाज कर देते, लेकिन यह हर रात होता था।”
हेमा मालिनी ने आगे बताया कि इसी अनुभव के बाद उन्होंने मुंबई में अपना पहला अपार्टमेंट खरीदा। उन्होंने याद किया, “धरम जी (धर्मेंद्र) उस समय कॉफी पीने आते थे, लेकिन मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि उनसे प्यार हो जाएगा और मैं उनसे शादी कर लूंगी।”
हेमा ने 1972 में ‘सीता और गीता’ की शूटिंग के दौरान अपना पहला बंगला खरीदा। यह बंगला पांच साल पुराना था और एक गुजराती के स्वामित्व में था। उन्होंने बताया, “हमने घर में कुछ और कमरे बनवाए। मुझे वह घर बहुत पसंद था क्योंकि उसके चारों ओर बहुत सारे पेड़ थे।”
हेमा मालिनी का यह अनुभव उनके शुरुआती संघर्ष और मुंबई में नया जीवन बसाने की कहानी को दर्शाता है।