Thursday, January 8

‘यही तो तानाशाही है!’ गोरे ने भारत देखा तक नहीं, नक्शे में राजस्थान-पाकिस्तान को काट दिया

 

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जयपुर: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के हालिया बयान को लेकर चर्चा हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि “राजस्थान कोई पाकिस्तान थोड़े ही है।” उनका यह बयान पानी के बंटवारे के मुद्दे को लेकर आया है। इसी संदर्भ में हम आपको बताते हैं उस अंग्रेज विभूति सिर साय्रिल जॉन रेडक्लिफ के बारे में, जिसने बिना भारत आए राजस्थान सहित 3 राज्यों को पाकिस्तान से अलग किया।

 

रेडक्लिफ लाइन और विभाजन की कहानी

भारत में राजस्थान, पंजाब और गुजरात को पाकिस्तान से अलग करने वाली Redcliffe Line की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। अंग्रेजों ने यह जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को सौंपी थी, जो भारत का नक्शा और भौगोलिक स्थिति जानता तक नहीं था। उसे केवल 5 हफ्ते में बंटवारे का काम पूरा करना था।

 

कौन थे Cyril John Radcliffe

सिर Cyril John Radcliffe ब्रिटेन के जज थे। Partition के लिए उन्हें बाउंड्री कमिशन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नय्यर के अनुसार, रेडक्लिफ न तो भारत की भूगोलिक स्थिति जानते थे और न ही सामाजिक-सांस्कृतिक जटिलताओं का अनुभव रखते थे। उन्हें अधूरे नक्शे और जनसंख्या आंकड़े दिए गए थे।

 

बंटवारे के नुकसान

 

राजस्थान का पश्चिमी हिस्सा अंतरराष्ट्रीय सीमा बन गया।

थार मरुस्थल का बड़ा इलाका सीमावर्ती हो गया।

कृषि, चरागाह और पुराने व्यापार मार्ग बंद हो गए।

जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर जैसे जिले मुख्यधारा से कट गए।

 

फीस लेने से किया इनकार

Partition के बाद हुई हिंसा और मौतों की खबरें सुनकर रेडक्लिफ काफी परेशान हुए। उन्होंने अपनी फीस लेने से भी इनकार कर दिया और भारत कभी नहीं आए।

 

राजस्थान-पाकिस्तान बॉर्डर का विवरण

रेडक्लिफ लाइन की कुल लंबाई 3310 किमी है, जो राजस्थान सहित 3 राज्यों की पाकिस्तान सीमा से गुजरती है और जम्मू-कश्मीर को भी छूती है। राजस्थान में गंगानगर, बीकानेर (168 किमी), जैसलमेर (464 किमी), बाड़मेर और हाल ही में बने फलोदी जिले पाकिस्तान से सटे हैं। पंजाब और पाकिस्तान के कई जिले भी इस बॉर्डर से लगे हैं।

 

यह विवादास्पद विभाजन और नक्शा आज भी कई विवादों और सामरिक चर्चाओं का कारण बना हुआ है।

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