Thursday, January 8

लंबे समय तक टिकने वाले काजल पर डॉ. आंचल की चेतावनी, बताया आंखों और त्वचा के लिए नुकसानदेह

नई दिल्ली।
मेकअप महिलाओं की दिनचर्या का अहम हिस्सा माना जाता है और काजल इसमें सबसे प्रमुख भूमिका निभाता है। आंखों की सुंदरता बढ़ाने वाला काजल आजकल आधुनिक रूप में बाजार में उपलब्ध है, लेकिन इसके लंबे समय तक टिकने वाले वर्ज़न को लेकर विशेषज्ञों ने गंभीर चेतावनी दी है।

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डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आंचल पंथ ने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में लॉन्ग लास्टिंग काजल के संभावित दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि आजकल मिलने वाले वाटरप्रूफ और 12 घंटे तक टिकने वाले काजल पूरी तरह शुद्ध नहीं होते।

डॉ. आंचल के अनुसार, इन काजलों को लंबे समय तक आंखों पर टिकाए रखने के लिए कंपनियां सिलिकॉन और पॉलिमर जैसे केमिकल्स का उपयोग करती हैं, जिन्हें आम भाषा में प्लास्टिक-आधारित तत्व भी कहा जा सकता है। यही तत्व आंखों और आसपास की त्वचा के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि ऐसे काजल के नियमित इस्तेमाल से आंखों में जलन, खुजली, सूखापन, डार्क सर्कल्स की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा समय से पहले झुर्रियां, झाइयां और त्वचा की उम्र बढ़ने के संकेत भी दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में एलर्जी, सूजन, आंखों का लाल होना और कंजंक्टिवाइटिस जैसी गंभीर परेशानियां भी हो सकती हैं।

डॉ. आंचल ने सलाह दी कि काजल का उपयोग रोजाना न किया जाए और इसे केवल विशेष अवसरों पर ही सीमित रखा जाए। उन्होंने कहा कि यदि आंखों को सॉफ्ट और सुरक्षित लुक देना है तो काजल की जगह डार्क आई शैडो का सीमित प्रयोग बेहतर विकल्प हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक रूप से घर पर बनाया गया काजल अपेक्षाकृत सुरक्षित होता था, लेकिन बाजार में मिलने वाले आधुनिक उत्पादों का चयन करते समय सतर्कता बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो पर आधारित है। किसी भी ब्यूटी प्रोडक्ट का नियमित उपयोग शुरू करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

 

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