
बेंगलुरु: कर्नाटक कैडर के 2021 बैच के IAS अफसर कनिष्क शर्मा इन दिनों चर्चा में हैं। जमशेदपुर के रहने वाले शर्मा वर्तमान में कर्नाटक वाणिज्यिक कर विभाग में अतिरिक्त आयुक्त (प्रवर्तन, दक्षिण क्षेत्र) के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने कर्नाटक और तमिलनाडु में फैले अंतरराज्यीय GST धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया।
ऐसा खुला फर्जीवाड़ा
प्रवर्तन दल के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में लगभग 1,464 करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े फर्जी चालान रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। इस गिरोह ने माल की वास्तविक आवाजाही के बिना करीब 355 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का फर्जी दावा किया और ग्राहकों तक पहुंचाया। बेंगलुरु, चेन्नई, वेल्लोर और पेरनामपट्टू में एक साथ तलाशी और ज़ब्ती अभियान चलाकर मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पेन ड्राइव, बैंक स्टेटमेंट और फर्जी कंपनियों के रबर स्टैम्प जब्त किए गए।
तमिलनाडु के वाणिज्यिक कर विभाग के सहयोग से चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बेंगलुरु स्थित आर्थिक अपराध विशेष न्यायालय में न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इस अभियान ने कर चोरी पर अंकुश लगाने और अंतरराज्यीय वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क को समाप्त करने में बड़ी भूमिका निभाई।
कनिष्क शर्मा: शिक्षा और करियर
कनिष्क शर्मा जमशेदपुर के लोयोला स्कूल के छात्र रहे हैं। बीटेक की पढ़ाई के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और 2021 बैच में IAS अफसर बने। उन्होंने कारवार में सहायक आयुक्त और उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के रूप में भी कार्य किया। अपने कार्यकाल में उन्होंने राजस्व सेवाओं में सुधार, भूमि अभिलेख प्रबंधन सुव्यवस्थित करने और शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार और पृष्ठभूमि
कनिष्क का परिवार मूलतः बिहार के गया जिले का है और जमशेदपुर में बस गया। उनके पिता प्रभात शर्मा टाटा स्टील में कार्यरत थे। उनके चाचा पंजाब कैडर के अधिकारी हैं और चचेरे भाई करण सत्यार्थी झारखंड कैडर के IAS अफसर हैं।
कनिष्क शर्मा को वर्ष 2024 में बेंगलुरु में आयोजित समारोह में राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा द्वारा सर्वश्रेष्ठ राजस्व अधिकारी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।