
नई दिल्ली: दिल्ली चिड़ियाघर में एशियाई जलपक्षी गणना (AWC) का आयोजन 5 जनवरी को किया गया, जिसमें देश-विदेश की 18 प्रवासी प्रजातियों के कुल 1,310 जलपक्षी पाए गए। इस दौरान पेंटेड स्टॉर्क की आबादी सबसे अधिक दर्ज की गई, लगभग 930 पक्षी।
देश-विदेश से आए जलपक्षी:
दिल्ली जू में तालाब में रहने वाले इन पक्षियों ने हिमालय की तलहटी से लेकर मंगोलिया, रूस, यूक्रेन और चीन जैसे देशों से आकर बसे हैं। इनकी विविधता और संख्या को बनाए रखना इस गणना का मुख्य उद्देश्य था।
विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों की भागीदारी:
AWC स्टेट कोऑर्डिनेटर पक्षी विज्ञानी टीके रॉय के नेतृत्व में, वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विश्वविद्यालयों और एनजीओ सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के स्वयंसेवक भी शामिल हुए।
पक्षियों की सूची:
गणना में शामिल प्रमुख प्रजातियों में लिटिल ग्रेब, लिटिल कॉमेरिंट, ब्लैक-क्राउन्ड नाइट हेरॉन, इंडियन पॉन्ड हेरॉन, लिटिल एग्रेट, लार्ज एग्रेट, पेंटेड स्टॉर्क, रेड-नैप्ड आइबिस, इंडियन स्पॉट-बिल्ड डक, कॉमन टील, नॉर्दर्न शोवेलर, रेड-वॉटल्ड लैपविंग, कॉमन सैंडपाइपर, व्हाइट-ब्रेस्टेड वॉटरहेन, कॉमन मूरहेन, रोजी पेलिकन, स्मॉल ब्लू किंगफिशर और व्हाइट-ब्रेस्टेड किंगफिशर शामिल हैं।
चिड़ियाघर के डायरेक्टर डॉ संजीत कुमार ने बताया कि इस गिनती का उद्देश्य चिड़ियाघर परिसर में जलपक्षियों की प्रजातियों और उनकी संख्या का रिकॉर्ड बनाए रखना है, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण पर ध्यान दिया जा सके।
दिल्ली जू में पर्यटक अनुभव:
दिल्ली चिड़ियाघर में हर हफ्ते हजारों लोग अपने परिवार के साथ आते हैं। जलपक्षियों की यह विविधता बच्चों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।