
मुंबई/पुणे: महाराष्ट्र के नगर पंचायत और नगर परिषद चुनावों में अजित पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और बीजेपी आमने-सामने हैं। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) चुनाव इस बार बेहद अहम बन गया है, क्योंकि 44 सीटों पर एनसीपी और बीजेपी के उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है।
पिंपरी-चिंचवड़ को अजित पवार का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है। यहां कुल 32 प्रभाग हैं और प्रत्येक वार्ड से चार पार्षद चुने जाते हैं, यानी कुल 128 पार्षद। बीजेपी ने 2017 के चुनाव में 78 सीटें जीतकर एनसीपी को सत्ता से बाहर किया था। अब एनसीपी का लक्ष्य वापसी करना है।
हाल ही में बीजेपी और एनसीपी के बीच तनाव बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एनसीपी पर अपराधियों को टिकट देने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में अजित पवार ने पलटवार करते हुए कहा, “जिन पर 70,000 करोड़ के सिंचाई घोटाले के आरोप लगे थे, वे अब हमारे सहयोगी हैं। दोष साबित होने तक कोई अपराधी नहीं होता।” इस बयान ने राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी।
एनसीपी के पिंपरी-चिंचवड़ नेता योगेश बहल ने कहा कि चाहे मुकाबला सीधा हो या अन्य दलों के साथ, पार्टी को बीजेपी को हराने का पूरा भरोसा है। वहीं बीजेपी के शत्रुघ्न काटे का कहना है कि यह चुनाव मुख्य रूप से एनसीपी और बीजेपी के बीच है, लेकिन उनका दावा है कि पार्टी एनसीपी को पराजित कर देगी।
इस चुनाव की गर्माहट को देखते हुए पिंपरी-चिंचवड़ में दंगल हाईवोल्टेज होने की संभावना है। क्या अजित पवार अपने गढ़ में बीजेपी को शिकस्त दे पाएंगे, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।