
इंदौर।
शहर में दूषित पानी से फैले डायरिया के प्रकोप ने हालात को और गंभीर कर दिया है। बीते 24 घंटे में 20 नए मरीज सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सबसे अधिक प्रभावित भगीरथपुरा क्षेत्र में 9,000 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक है।
करीब 400 मरीज अस्पताल में भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक कुल 398 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 256 मरीजों को स्वस्थ होने पर छुट्टी दे दी गई, जबकि 142 मरीज अभी भी इलाजरत हैं। इनमें से 11 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू में भर्ती हैं।
कोलकाता से पहुंची विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसनानी ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इन्फेक्शन्स (NIRBI) की एक विशेष टीम इंदौर पहुंच चुकी है। यह टीम भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) से संबद्ध है और डायरिया के प्रकोप के कारणों की वैज्ञानिक जांच कर रही है। विशेषज्ञ स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी मार्गदर्शन भी दे रहे हैं।
मौतों के आंकड़ों को लेकर विरोधाभास
प्रशासन ने दूषित पानी के सेवन से छह मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है। वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पहले प्रकोप से जुड़ी 10 मौतों की जानकारी होने की बात कही थी। दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों का दावा है कि डायरिया से 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक छह महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है।
नर्मदा लाइन की जल आपूर्ति बंद
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने भगीरथपुरा क्षेत्र में नर्मदा लाइन से पानी की सप्लाई रोक दी है। जांच टीम ने इलाके को 32 हिस्सों में बांटकर घर-घर निरीक्षण शुरू किया है। प्रत्येक क्षेत्र में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घरों के पानी के टैंक की विधिवत सफाई की जाए और क्लोरीन के माध्यम से पानी को सुरक्षित बनाया जाए।
प्रशासन अलर्ट, निगरानी तेज
प्रशासन ने लोगों से उबला हुआ या शुद्ध पानी पीने, खुले खाद्य पदार्थों से परहेज करने और किसी भी लक्षण के दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।