
महोबा: यूपी के महोबा में एक दुखद और सनसनीखेज घटना ने सबको झकझोर दिया है। 70 वर्षीय रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ओमप्रकाश सिंह की मौत हुई, जबकि उनकी 27 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी रश्मि को अलग कमरे में बिना कपड़ों के, कंकाल जैसी हालत में पाया गया।
जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश और उनकी बेटी रश्मि के मकान में लंबे समय तक काम करने वाले नौकर दंपती रामप्रकाश कुशवाहा और रामदेवी ने संपत्ति के लालच में दोनों को कैद में रखा। धीरे-धीरे पिता और पुत्री को केवल मकान के निचले हिस्से तक सीमित कर दिया गया, जबकि खुद ऊपर के हिस्से में आराम से रहते रहे। भूख, प्यास और यातनाओं के कारण बुजुर्ग ओमप्रकाश की मौत हो गई।
घटना का पता तब चला जब परिजन मकान पहुंचे। शव देखकर सभी स्तब्ध रह गए और बेटी रश्मि की स्थिति देख उनकी रूह कांप गई। उसके शरीर में केवल हड्डियों का ढांचा रह गया था। रश्मि को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ओमप्रकाश के छोटे भाई अमर सिंह ने बताया कि नौकर दंपती की नजर मकान और संपत्ति पर थी। भाई और भतीजी से मिलने पर भी उन्हें मिलने नहीं दिया जाता था। पड़ोसियों ने भी बताया कि ओमप्रकाश कभी मिलनसार थे, लेकिन लंबे समय से किसी ने उन्हें नहीं देखा।
परिजन और समाजजन इस अमानवीय अत्याचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह केवल हत्या नहीं, बल्कि सालों तक चले जुल्म और अत्याचार की भयावह कहानी है।
महोबा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।