
भोपाल: इंदौर में दूषित पानी से होने वाली मौतों ने प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिर्फ इंदौर के मेयर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश का शासन और प्रशासन भी इस महापाप के लिए जिम्मेदार हैं।
उमा भारती ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदा और जहरीला पानी पीने से हुई मौतें हमारे प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मसार और कलंकित कर गई हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है और जीवन की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती। इस पाप का घोर प्रायश्चित होना चाहिए। पीड़ितों से माफी मांगनी होगी और अपराधियों को अधिकतम दंड दिया जाना चाहिए। यह मुख्यमंत्री मोहन यादव की परीक्षा की घड़ी है।”
उन्होंने आगे लिखा कि पद पर बैठे रहते हुए बिसलेरी का पानी पीना और जनता के बीच न पहुंचना ऐसे पापों का स्पष्टीकरण नहीं है।
मायावती ने भी जताई नाराजगी
पूर्व सीएम मायावती ने कहा कि इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से नागरिकों की मौत और बीमारियों की संख्या बढ़ने की खबर बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। उन्होंने सरकार की गैर-जिम्मेदारी और उदासीनता पर कड़ा सवाल उठाया और कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर प्रभावी कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएँ न हों।
कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत अभियान का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा सरकार इंदौर में जहरीले पानी से हुई मौतों पर मौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की निकम्मी नीति और भ्रष्टाचार के कारण लोग साफ पानी के लिए तरस रहे हैं।
मृतकों की संख्या बढ़ी
इंदौर में जहरीले पानी से अब तक 14 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पतालों में बीमारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।