
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि भारत अपनी बांग्लादेश नीति में बदलाव करे, तभी कट्टरपंथी ताकतें उनके प्रति नरमी दिखा सकती हैं।
भारत पर भरोसा, बांग्लादेश सरकार से उम्मीद खत्म
बांग्लादेश माइनॉरिटी जनता पार्टी के अध्यक्ष सुकृति कुमार मंडल ने ढाका से बताया कि हिंदुओं की सुरक्षा अब पूरी तरह से भारत की विदेश नीति पर निर्भर हो गई है। उन्हें लगता है कि मोहम्मद यूनुस सरकार या अवामी लीग के नेतृत्व में उनकी जान की सुरक्षा का भरोसा अब नहीं रहा।
पश्चिम बंगाल और असम चुनाव की चिंता
मंडल ने कहा कि इस साल भारत के पश्चिम बंगाल और असम में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बांग्लादेशी हिंदू समुदाय में भय है। उनका मानना है कि भारत में चुनावी रुझानों का असर बांग्लादेश के हिंदुओं पर पड़ सकता है।
अवामी लीग के बाहर भारत को भी देखना होगा
मंडल ने सुझाव दिया कि भारत को केवल अवामी लीग के साथ नहीं, बल्कि बांग्लादेश के अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के साथ भी संबंध सुधारने चाहिए। उनका कहना है कि इससे भारत-विरोधी ताकतों का दखल कम होगा और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की चुनौती
अल्पसंख्यक नेताओं का मानना है कि भारत को अपनी सुरक्षा, आर्थिक और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए बांग्लादेश नीति को संतुलित बनाना चाहिए। कट्टरपंथी ताकतों को खुश करने में फोकस केंद्रित करने से अल्पसंख्यकों को वास्तविक सुरक्षा नहीं मिल सकती।