
नई दिल्ली: नोएडा में बन रहे देश के सबसे बड़े जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के शुरू होने में अभी और समय लग सकता है। हाल ही में हुई सुरक्षा जांच में यह एयरपोर्ट 25 से अधिक मानकों पर फेल पाया गया है, जिसके कारण इसका सेफ्टी क्लीयरेंस अटक गया है।
मुख्य कमी: पेरीमीटर वॉल अधूरी
सूत्रों के अनुसार एयरपोर्ट की 14 किलोमीटर लंबी बाउंड्री वॉल में से केवल लगभग 5 किलोमीटर हिस्से को कंक्रीट से बनाया गया है। बाकी हिस्से में केवल चेन लिंक फेंसिंग खड़ी की गई है। मानकों के अनुसार किसी भी एयरपोर्ट की चारदीवारी कंक्रीट की होनी चाहिए और जमीन में तीन फुट गहरी जमीनी नींव से शुरू होनी चाहिए। अधूरी दीवार के कारण जानवर या अराजक तत्व रनवे के नजदीक आसानी से पहुँच सकते हैं।
ओपनिंग में देरी
नोएडा एयरपोर्ट के ओपन होने की नई संभावित डेडलाइन जनवरी 2026 बताई गई है। हालांकि, सुरक्षा कमियों को दूर करने के बाद ही इसका पहला चरण मार्च 2026 के बाद शुरू होने की संभावना है। नागर विमानन मंत्रालय और Bureau of Civil Aviation Security (BCAS) के अधिकारी इसकी सुरक्षा जांच कर रहे हैं।
सुरक्षा सर्वोपरि
एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि कमियों को दूर करने के लिए जोर-शोर से काम किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा मानकों का पालन न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एयरपोर्ट संचालन के लिए भी अनिवार्य है।
पृष्ठभूमि
नोएडा एयरपोर्ट दिल्ली के करीब स्थित छह रनवे वाला सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा। इसके खुलने से न केवल उत्तर भारत में हवाई यात्रा की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि यह क्षेत्रीय आर्थिक विकास में भी अहम योगदान देगा।