
नई दिल्ली: क्रिसमस 2025 के मौके पर साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। गिफ्ट, कैश वाउचर और शॉपिंग कूपन का लालच देकर लोग मिनटों में अपने बैंक अकाउंट और व्यक्तिगत डेटा से हाथ धो बैठते हैं। खतरनाक बात यह है कि ऐसे मैसेज अक्सर दोस्तों या परिवार वालों के अकाउंट से आते हैं, क्योंकि उनका अकाउंट पहले से हैक हो चुका होता है।
कैसे फैल रही है ठगी:
हैकर्स व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है, “Merry Christmas! You’ve received a gift” या “Christmas bonus waiting for you”। इन मैसेज के साथ छिपा हुआ लिंक होता है। लिंक पर क्लिक करते ही यूजर को नकली वेबसाइट पर भेजा जाता है, जो जानी-मानी ब्रांड्स, बैंक या पेमेंट प्लेटफॉर्म जैसी दिखती है।
लालच में फंसना बहुत महंगा पड़ सकता है:
इन वेबसाइट्स पर यूजर से मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल्स या ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है। कई बार सिर्फ लिंक क्लिक करने से आपके डिवाइस में खतरनाक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो जाता है। इससे ठग आपके फोन का रिमोट एक्सेस पा सकते हैं और OTP, बैंकिंग ऐप और ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
त्योहारों में बढ़ जाते हैं स्कैम के मामले:
त्योहारी सीजन में लोग अधिक रिलैक्स और डिस्ट्रैक्टेड होते हैं। स्कैमर्स इस मौके का फायदा उठाते हैं। संदेश में कहा जाता है कि “ऑफर आज खत्म हो जाएगा” या “रिवॉर्ड पाने के लिए तुरंत एक्शन लें”। ऐसे में यूजर बिना सोचे-समझे लिंक पर क्लिक कर बैठते हैं।
कैसे बचें इस ठगी से:
व्हाट्सएप पर आए हर मैसेज को सावधानी से पढ़ें।
फ्री पैसे, गिफ्ट या वाउचर वाले मैसेज लगभग हमेशा नकली होते हैं।
OTP, कार्ड डिटेल्स या ऐप डाउनलोड मांगने वाले लिंक पर क्लिक न करें।
मैसेज में स्पेलिंग की गलतियां, अपरिचित URLs और फॉरवर्ड करने का अनुरोध स्कैम के आम संकेत हैं।
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि त्योहारों का सीजन ठगों के लिए सबसे अच्छा समय होता है। इसलिए सावधानी बरतें और अजनबियों या संदिग्ध लिंक से दूर रहें।